नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी ने देशभर में फैल रही मॉबलिंचिंग की घटनाओं को लेकर गृहमन्त्री अमित शाह से सवाल पूछा
ओवैसी ने कहा, ‘मैं गृह मंत्री से पूछना चाहता हूं कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने कहा था की मॉब लिंचिंग पर कानून बनाएं. आप क्यों नहीं बनाते हो कानून? आज बिहार में लिंचिंग हुई है.तबरेज़ अंसारी को मारा गया. आज मुल्क में मुसलमानों के खिलाफ कितनी नफरत है. मोब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाये सर, जो लोग खड़े हो चुके हैं. आपको किसी न किसी आर्गेनाईजेशन को बैन करना पड़ेगा.’
Asaduddin Owaisi, AIMIM in Lok Sabha: I would like to ask the Home Minister, why a law on mob lynching is not being made? Last year Supreme Court had asked govt to make a law on mob lynching. If you make all SC's orders into laws, why not this? pic.twitter.com/vvL4eBEswi
— ANI (@ANI) July 19, 2019
कन्नड़ के थिएटर कलाकार और गीतकार एस. रघुनंदन द्वारा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार लेने से मना करने पर भारत के कई प्रसिद्ध लेखकों ने उनका समर्थन किया है. मंगलवार को पुरस्कार की घोषणा के बाद बंगलुरू के कलाकार ने एक बयान जारी कर मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) तथा ईश्वर तथा धर्म के नाम पर हिंसा का हवाला देकर इसके लिए मौजूदा ताकतों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जिम्मेदार बताया।

लेखकों के. सच्चिदानंदन, केकी दारूवाला, गणेष देवी, अशोक वाजपेयी, नयनतारा सहगल और गीता हरिहरन ने इस विरोध प्रदर्शन को सलाम करते हुए बयान जारी किया. लेखकों ने भारतीय लेखक मंच की ओर से जारी बयान में कहा, “लेखक और कलाकार 2015 से ही भारत की वर्तमान सरकार द्वारा फैलाई जा रही असहिष्णुता तथा घृणा की संस्कृति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. विरोध का यह सिलसिला जारी है.”
बयान के अनुसार, “अकादमी को भेजा गया उनका खुला पत्र बताता है कि वह हिंसा, शोषण और प्रतिशोध, गौरक्षकों द्वारा लिंचिंग, दलितों, मुस्लिमों और महिलाओं का उत्पीड़न, बुद्धिजीवियों के खिलाफ दुष्प्रचार और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.”
लेखकों और बुद्धिजीवियों ने 2015 से ही देश में बढ़ती असहिष्णुता का हवाला देकर अपने-अपने पुरस्कार लौटाए हैं. लेखकों के बयान में और लेखकों तथा कलाकारों से “हमारी लोकतांत्रिक नीति और हमारे संवैधानिक अधिकारों को चुनौती देने वाली घृणा की राजनीति के खिलाफ प्रदर्शन” की अपील की. रघुनंदन को 2018 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार दिया गया है, जिसके तहत एक लाख रुपये की इनामी राशि देने का निर्देश दिया गया है. उनके साथ कुल 44 कलाकारों को कला की विभिन्न प्रस्तुतियों की श्रेणियों में विजेता चुना गया है।