
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि हाल में आए आर्थिक ग्रोथ के आंकड़े अनुमान से कमजोर हैं. CNBC-TV18 के साथ हुई खास बातचीत में उन्होंने बताया है कि 5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ रेट उनके लिए सरप्राइज था. देश की आर्थिक ग्रोथ को बढ़ाने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए हैं. FDI (विदेश निवेश) इनफ्लो पिछले साल से बेहतर है. आरबीआई गवर्नर का कहना है कि खाद्य महंगाई दर को लेकर कोई चिंता नहीं है. दाल, सब्जियों की कीमत को लेकर भी वो चिंतित नहीं है. सिर्फ शहरों में दूध अंडे की कीमतों में तेजी. खाद्य पदार्थों को लेकर शक्तिकांत दास ने कहा कि यह एक साल के लिए साइकलिक होता है.
जीडीपी के आंकड़े अनुमान से कमजोर- वित्त वर्ष 2020 में 6.9 फीसदी GDP लक्ष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर आरबीआई गवर्नर का कहना है किGDP के आंकड़े अनुमान से भी खराब रहे हैं. 5 फीसदी GDP आना बहुत ज्यादा हैरान करने वाला है. MPC ने इकोनॉमी में स्लोडाउन को मान लिया है.
ग्रोथ में तेजी लाना RBI की सबसे बड़ी प्राथमिकता है लेकिन अभी कोई भी डाटा बताना व्यवहारिक नहीं है.
MPC के लिए ग्रोथ अब सबसे बड़ी प्राथमिकता है. लेकिन मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट अनुमान बहुत ज्यादा है. GDP के अनुमान के तरीकों को भी सुधारा जा रहा है.
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