
देश के जाने माने मुस्लिम स्कॉलर और अॉल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना अबु तालिब रहमानी ने कहा है कि इस वक्त देश को आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश मौजूदा परिस्थितियों में एक बड़े आर्थिक संकटों का सामना कर रहा है। सरकार पुरे देश में NRC लाना चाहती है जो इस आर्थिक संकट को और बुरे दौर में ले जाने के लिए घातक साबित होगा।
उन्होंने कहा कि NRC से सबसे अधिक नुकसान मुल्क को होगा, इस वक्त हमारा देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है, और NRC का प्रस्तावित बजट लगभग 17 खरब रुपए का है , ऐसे में अगर NRC लागू होती है तो घरेलू अर्थव्यवस्था दिवालिया हो जाएगी ।
भुखमरी का भी खतरा
असम में NRC लागु करने में सात साल लगे और 16 सौ करोड़ रुपये खर्च हुए और लाखों लोग बे-घर हुए, सैकड़ों लोगो कि जानें गई , और नतीजा यह निकला कि जब इस पूरी कार्रवाई की अंतिम रिपोर्ट आई, तो भाजपा और उसकी सरकार ने रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उस का मकसद NRC नहीं बल्कि फसाद फैलाना और भारतीयों को अपने वतन में बे घर करना था।
मालूम हो कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया था कि पुरे देश में NRC को लागू किया जा सकता है।
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