CAA-NRC: संसद में जमकर बरसी महुआ मोइत्रा, कहा- ‘बीजेपी ने लोगों के साथ विश्वासघात किया’

CAA-NRC: संसद में जमकर बरसी महुआ मोइत्रा, कहा- ‘बीजेपी ने लोगों के साथ विश्वासघात किया’

तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा है कि केंद्र सरकार उन लोगों के साथ ही धोखा कर रही है, जिन्होंने उसे वोट दिया। उन्होंने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे में विश्वास करती है, उसने लोगों के साथ विश्वासघात किया। लोगों ने इस नारे पर विश्वास कर उन्हें वोट दिया और भाजपा सरकार ने लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाकर उन्हें ही धोखा दे रही है।

मोइत्रा ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, “आम चुनाव में देश के 130 करोड़ लोगों में से 23 करोड़ ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। भाजपा के लिए वोट डालने वालों में सिर्फ एक संप्रदाय के लोग नहीं थे। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर विश्वास कर अपना वोट पार्टी को दिया था।

‘एनआरसी, सीएए और एनपीआर को भाजपा हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही’

हिटलर के जर्मनी में नाजी शासन के खात्मे का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के नए नागरिकता कानून और नागरिकता सूची- एनआरसी, सीएए और एनपीआर ये सभी एक हथियार हैं। इससे भाजपा सरकार पहले लोगों की पहचान करेगी, इसके बाद उन्हें नागरिकता से वंचित किया जाएगा, फिर उन्हें देश से निकाल दिया जाएगा।

तृणमूल नेता ने कहा, “सरकार ने पहले बेरोजगारी के आंकड़ों को यह कहकर खारिज कर दिया कि ये विश्वसनीय नहीं हैं। जबकि उन्हीं आंकड़ों के आधार पर वह गरीबी उन्मूलन का श्रेय ले रही थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट भाषण में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वास्तविक वृद्धि दर के आंकड़े नहीं दिए क्योंकि वह डर रही थीं।”

‘ज्यादातर बड़े आर्थिक आंकड़े नकारात्मक’

उन्होंने कहा- सीतारमण ने कहा था कि अगले वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी 10% रहने का अनुमान है। महंगाई दर अभी 6.7% पर पहुंच चुकी है। इसका मतलब यह है कि वास्तविक विकास दर मात्र 3.3% रहेगी जो सरकार स्वीकार नहीं करना चाहती। सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार स्वयं कह चुके हैं कि ज्यादातर बड़े आर्थिक आंकड़े नकारात्मक हैं।

सत्ता पक्ष लोगों को गोलियां चलाने के लिए उकसा रहे: मोइत्रा

मोइत्रा ने कहा कि गुजरात में अनुसूचित जनजाति के जिन लोगों से ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए जमीन ली गई थी, उन्हें बदले में सिर्फ शौचालय सफाइकर्मी की नौकरी दी गई। तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के बड़े नेता लोगों को गोलियां चलाने के लिए उकसा रहे हैं।

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