
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 19 दिसंबर को मंगलौर में हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शन में मारे गए दो लोगों के परिवार को राज्य सरकार 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देगी। बता दें कि इस हिंसक प्रदर्शन में दो लोगों की जान चली गई थी जिनकी पहचान नौशीन (49) और जलील (43) के रूप में हुई है। दोनों की मौत अस्पताल में पुलिस की गोली लगने से हो गई थी।
गौरतलब है कि सीएए और एनआरसी के विरोध में देशभर में हिंसक प्रदर्शन हो रहे है, कर्नाटक के मंगलौर में दो लोगों की जान इसी प्रदर्शन के दौरान चली गई थी। वहीं, उत्तर प्रदेश के हालात कुछ ज्यादा ही खराब है वहां पिछले सप्ताह से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और राज्य में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। बता दें कि तटीय शहर मेंगलूरु में नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद हुई पुलिस फायरिंग में दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। जिसके बाद वहां पर राजनेताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस के वरिष्ठ नेता एच डी कुमारस्वामी ने रविवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान मंगलोर फायरिंग में से जान गंवाने वाले शख्स के परिजनों से मुलाकात की। वहीं उन्होंने फायरिंग का जिम्मेदार राज्य के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई को ठहराते हुए बर्खास्त करने की मांग की। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि, आरएसएस के लोग शायद पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। उन्हें अब निकाल दिया गया होगा लेकिन मुझे इसके बारे में पता नहीं है। संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए कुमारस्वामी ने दावा किया कि पुलिस आयुक्त डॉ पी एस हर्ष ने घटना के बारे में झूठ बोला है। गोलीबारी से जुड़े तथ्य पुलिस विभाग द्वारा छिपाए जा रहे हैं।
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