आतंकवाद के आरोप से बरी होने वाले शोएब अहमद ने कि सरकार से मांग।
पुसद:.हाल ही में अकोला एटीएस कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फ़ैसले में बालापुर अखाड़ा निवासी शोएब अहमद रहेमान खान को अतांक वाद के आरोपों से बरी किया है।ज्ञात रहे कि दि.२५/९/१५ को पुसद शहर पुलिस स्टेशन में एक घटना को लेकर कलम ३०७,३३२,३३३,३५३,१५३,१८६ भादवि, आर्म्स एक्ट ४/२५ तथा १३५ बॉम्बे पोलिस एक्ट के मुताबिक एफआईआर दर्ज की गई थी,तथा एक नौजवान को गिरफ्तार किया गया था,लेकिन इस पूरे मुमले को महाराष्ट्र सरकार ने एटीएस को सुपूर्द करदिया था,तथा यू .ए.पी.ए एक्ट के कलम १५.१६,१८ और १२० ब का समाविष्ट ल किया गया।महाराष्ट्र एटीएस दुआर दि.२२/१०/१५ को बालापुर अखाड़ा ज़िला हिंगोली निवासी मुस्लिम नौजवान शोएब अहमद को गिरफ्तार किया गया था,तब से शोएब अहमद अकोला जेल में बंद थे,इस पूरे मुआमले की पैरवी अकोला के विशेष एटीएस कोर्ट में चली जिस के नियायधिश श्री ए एस जाधव ने सबूतों के अभाव में दि.२१/५/१९ को शोएब अहमद को बरी किया।दीगर एक आरोपी को यू ए पी ए एक्ट के आरोपों से बरी किया लेकिन कलम ३२४,३३२,३५३ में आरोप साबित करते हुए ३साल सजा सुनाई।शोएब अहमद ने अपनी रिहाई के बाद यह सवाल उठाया कि आखिर ४ साल बेवजह जेल में बंद रहें ने का हर्जाना किया?यह सवाल महाराष्ट्र सरकार से किया।इस पूरे मामले में शोएब अहमद की तरफ से अकोला एसटीएस कोर्ट में जाने माने वकील तथा सामाजिक कार्यकर्ता एड.नजीब शेख ने पैरवी की तथा उच्च न्यायालय में एड.अतीक ने पैरवी की।आज दी.२५/५/१९ को शोएब अहमद दुआर पुसद के शासकीय विश्राम गुरहो में एक पत्रकार परिषद बुलाई थी जिसे शोएब के वकील एड.नजीब शेख ने संबोधित किया,इस मौके पर एड.नजीब शैख और शोएब अहमद ने कहा कि महाराष्ट्र एटीएस दुआर की गई करेवही झूठी थी यह हम शरू ही से कहे रहे थे,और कोर्ट के फैसले के बाद एटीएस का झूठ बेनकाब होगया,लेकिन ४ साल बेवजह जेल में कांटने पड़े उसे और उस के परिवार को कई तरह की तकलीफें झेलनी पड़ी,इतना ही नहीं शोएब अहमद की गिरफ्तारी के सदमे से उस के बड़े भाई का देहांत होगया,घर में कोई कमानेवाला नहीं रहा जिस की नुक़सान भरपाई सरकार किस तरह अदा करेगी।मौजूदा दौर में भारत सरकार नक्सवादियों और उग्रवादियों के लिए योजनाएं बना रही है लेकिन अफसोस की को नौजवान एटीएस जैसे एजेंसीज के ज़ुल्म का शिकार होती है और अपनी ज़िन्दगी के अहम दिन जेल मै गुजरते है उन लोगों के लिए कोई योजना नहीं।साहिब अहमद ने कहा कि वो आगे अपनी ज़िन्दगी बेगुनाह जैलो में कैद नौजवानों को छुड़ाने के लिए काम करेंगे जिस में एड.नजीब शेख और एड.मो.अतीक जैसे लोगो की सहेता प्राप्त होगी।इतना ही नहीं शोएब ने यह भी उल्लेखित किया की वोह जल्द ही एड.नजीब शेख दुआर सरकार और एटीएस के खिलाफ मानहानि और नुक़सान भरपाई का मुकदमा दाखिल करेंगे।शोएब अहमद ने अपनी रिहाई का शर्ये एड.नजीब शेख,एड.मो अतीक तथा बड़े भाई ओवैस बेग को दिया है।