हाथरस में मंदिर के सामने मुसलमानों द्वारा मांस के टुकड़े फ़ेंके जाने के दावे की सच्चाई पुलिस ने बताई

13 फ़रवरी 2020 को ट्विटर पर नवनीत गौतम नाम के यूज़र ने एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में किसी मोहल्ले की एक गली दिखाई दे रही है और हिंदी में बात करते हुए लोग सुनाई देते हैं. वीडियो आगे बढ़ता है और फ़िर गली में लोग खड़े भी दिखते हैं. साथ ही सड़क पर कुछ कूड़े जैसी चीज़ फैली दिखाई भी पड़ती है. एक कुत्ता भी दिखता है जो कि कूड़ा लगातार खा रहा है. 10 सेकंड के आस-पास पुलिस के कुछ लोग भी खड़े दिखाई देते हैं. ये भी मालूम चल जाता है कि मोहल्ले की काफ़ी भीड़ वहां इकठ्ठा है.

वीडियो ट्वीट करने वाले नवनीत खुद को धर्म जागरण समन्वय के ‘जिला प्रशाशनिक संपर्क प्रमुख’ बताते हैं. वीडियो को ट्वीट करते वक़्त नवनीत ने बताया कि ये मामला ज़िला हाथरस का है और इस मोहल्ले का नाम है नाई का नगला. ट्वीट में बताया गया है कि इस मोहल्ले में मिश्रित आबादी रहती है और वहां के कुछ मुसलमान लोगों ने हिन्दू मंदिर के सामने मांस के ढेर सारे लोथड़े फेंक दिए हैं. सवाल भी पूछा गया है कि आख़िर कब तक हिन्दुओं के साथ ऐसा व्यवहार होता रहेगा.

नवनीत ने इस ट्वीट में उत्तर प्रदेश के DGP, आगरा पुलिस के IG रेंज को, अलीगढ़ के DIG रेंज को, उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग भी किया था. इस ट्वीट को नवनीत ने 13 फ़रवरी 2020 को पोस्ट किया था और इसे आर्टिकल लिखे जाने तक ढाई हज़ार से ज़्यादा रीट्वीट मिल चुके हैं. इस वीडियो को 26 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया है.

नवनीत का ट्वीट एकमात्र ट्वीट नहीं है. ट्विटर पर कई हैंडल्स ने इस वीडियो को पोस्ट किया है. हर जगह लगभग वही नेरेटिव है – हाथरस में मंदिर के सामने कुछ मुसलमान लोगों ने मांस के लोथड़े फेंके हैं.

‘हरियाणा अब तक’ नाम की एक वेबसाइट ने भी इस घटना को रिपोर्ट किया. उन्होंने भी यही क्लेम करते हुए कहा – “हाथरस में मंदिर के पास फेंके गए मांस के लोथडे़- लोगों में आक्रोश”

 

इसके साथ ही फ़ेसबुक और ट्विटर पर ये वीडियो कई लोगों ने इसी क्लेम के साथ पोस्ट किया.

फ़ैक्ट चेक

नवनीत ने ये वीडियो 13 फ़रवरी 2020 को 9 बजकर 30 मिनट पर ट्वीट किया था. 9 बजकर 40 मिनट पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपने ऑफिशियल हैंडल से हाथरस पुलिस को टैग किया और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा. (आर्काइव किया हुआ ट्वीट)

इसके 11 मिनट बाद यानी सुबह 9 बजकर 51 मिनट पर हाथरस पुलिस ने अपने ऑफिशियल हैंडल से सूचित किया कि क्षेत्राधिकारी नगर एवं थाना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को कार्रवाई के लिए कह दिया गया था. (आर्काइव किया हुआ ट्वीट)

नवनीत के वीडियो पर कई कमेंट्स वगैरह आने के बाद अगले दिन यानी 14 फ़रवरी की शाम 7 बजकर 32 मिनट पर हाथरस पुलिस ने एक और ट्वीट किया. इस ट्वीट में एक ग्राफ़िक की मदद से जवाब दिया. जवाब में हाथरस पुलिस ने बताया कि नवनीत के ट्वीट में दिखाए गए वीडियो को देखा और उनके आरोपों का संज्ञान लेते हुए नगर क्षेत्राधिकारी ने घटना की जगह का मुआयना किया. पुलिस को मालूम चला कि जो भी मंदिर के सामने फैला हुआ था वो मांस के टुकड़े नहीं थे बल्कि मुर्गे के पंख और बाक़ी कूड़ा था. असल में किसी दुकानदार ने इस कूड़े को अपने डस्टबिन में फेंका था, लेकिन रात में कुत्तों ने इस पूरे कूड़े को डस्टबिन से निकाल कर मंदिर के सामने फैला दिया. इस ग्राफ़िक में साफ़ साफ़ लिखा हुआ था – “हाथरस की पुलिस को मुसलमानों द्वारा हिन्दुओं के पवित्र स्थल मंदिर के आस-पास मांस के लोथड़े फेंके जाने की जानकारी कहीं से भी नहीं प्राप्त हुई है.” (आर्काइव किया हुआ ट्वीट)

हाथरस पुलिस के मामला साफ़ करने के बाद भी ये वीडियो नवनीत की टाइमलाइन पर मौजूद है और इसे लगातार देखा जा रहा है. इस वीडियो का फैलना बंद नहीं हुआ. हमने जब चेक किया तो मालूम चला कि पुलिस की रिपोर्ट के बाद भी कई लोगों ने इसी दावे के साथ इस वीडियो को ट्वीट किया है कि हाथरस के एक मोहल्ले में मुसलमानों ने मंदिर के सामने मांस के लोथड़े फेंके.

ऑल्ट न्यूज़ का ऑब्ज़र्वेशन

वीडियो में गली की सड़क पर जो भी पड़ा हुआ देखने को मिल रहा है, वो असल में मांस के लोथड़े नहीं बल्कि मुर्गे-मुर्गी के अवशेष हैं. वो अवशेष जो कि अमूमन एक मीट की दुकान पर बच जाते हैं. वीडियो के फ़्रेम्स को रोक कर देखने पर ये बात साफ़ हो जाती है.

इसके अलावा वायरल हो रहे हाथरस के इस वीडियो में एक जगह पर एक कूड़े का ढेर भी दिखाई देता है. यहां काफ़ी सारा कूड़ा पड़ा हुआ दिख रहा है. इसके ठीक बगल से, बायीं ओर से मुर्गे-मुर्गियों के अवशेष फैले हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो जैसे-जैसे घूमता है, ये साफ़ हो जाता है कि कुत्तों ने कूड़े के ढेर से किसी बोरे या बड़ी पन्नी जैसी चीज़ में बंद इस कूड़े को खींचा होगा और खींचने के दौरान ही ये अवशेष फैलते रहे होंगे. जिस गोलाकार तरीके से ये कूड़ा फैला है, इस बात की तस्दीक की जा सकती है. नीचे हमने इस इसी वीडियो का वो हिस्सा स्लो-मोशन में लगाया है जिसमें कूड़े का ढेर दिखाई देता है और वहीं से इन अवशेषों का फैलना भी शुरू हो जाता है जो कि आगे तक फैला दिखाई देता है.

ऑल्ट न्यूज़ की पड़ताल में ये मालूम चला है कि हाथरस में हिन्दुओं के पवित्र स्थान, एक मंदिर के सामने मुसलमानों द्वारा रात में मांस के लोथड़े फेंके जाने का दावा झूठा है. इस दावे को खुद हाथरस पुलिस ने बेबुनियाद बताया है. हमें जो भी इस वीडियो में दिखाई दिया, वो भी पुलिस की बातों को सही ही ठहराता है. इसके साथ ही इस हिन्दू-मुस्लिम एंगल वाले दावे के साथ वीडियो पोस्ट करने वाले असल में भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं.

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