
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा की ईरान अपने दुश्मनों की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त ताकतवर है। अमेरिका की ओर से दशकों से दबाव और प्रतिबंध झेल रही देश की वायुसेना भी पर्याप्त ताकतवर है।
वायुसेना कमांडरों को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा, ‘हम युद्ध छेड़ने के लिए मजबूत नहीं हैं, बल्कि दुश्मनों की चुनौतियों का खात्मा करने के लिए मजबूत बने हैं। हम किसी को भी धमकाना नहीं चाहते, लेकिन किसी की धमकियों को बर्दाश्त भी नहीं करेंगे। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है। इराक की राजधानी बगदाद में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी को अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। इसके बाद ईरान ने अमेरिका के इराक में स्थित सैन्य अड्डे पर मिसाइलों से हमले किए थे। हमले में कई सैनिकों के घायल भी हुए थे।
इसी दौरान यूक्रेन का एक यात्री विमान तेहरान से उड़ने के कुछ देर बाद ईरानी सेना ने मार गिराया था। 2018 में परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने और राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने के एलान से दोनों देशों के बीच तनाव का नया दौर शुरू हुआ है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर उस पर प्रतिबंद लगाए गए, तो वो उसका माकूल जवाब देगा। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।
खामेनेई ने कहा कि 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले हम विमान के किसी हिस्से-पुर्जे की मरम्मत भी नहीं कर पाते थे लेकिन अब हम विमान बना रहे हैं। प्रतिबंध एक तरह का अपराध है लेकिन यह अवसरों के दरवाजे भी खोलता है।
गौरतलब है कि ईरान से बढ़े तनाव के बीच अमेरिका ने अपने परमाणु जखीरे में एक नया हथियार शामिल किया है। कम क्षमता वाले डब्ल्यू 76-2 नामक परमाणु बम को लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के साथ पनडुब्बियों पर तैनात किया गया है।
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