उत्तरी सीरिया में ग़ैर क़ानून रूप से तैनात अमरीकी सैनिक तुर्क सेना की गोलाबारी की ज़द में आ गए, पेंटागन ने भी इस ख़बर की पुष्टि कर दी है।
पार्स टुडे पर छपी खबर के अनुसार, पेंटागन का कहना है कि 11 अक्तूबर की रात क़रीब 9 बजे तुर्की की सेना ने उत्तरी सीरिया में कूबानी शहर के निकट अमरीकी सैनिकों पर बमबारी कर दी, जहां कई धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। हालांकि इस बमबारी में किसी के घायल या हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
Never in my wildest nightmares would I live to see the US Army – MY ARMY – retreat!!! Trump orders withdrawal of U.S. forces from northern Syria, days after Pentagon downplays possibility https://t.co/IBeD5o05so
— DrQuest86 (@t_body45) October 14, 2019
ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पिछले हफ़्ते सीरिया से अपने सैनिकों के निकालने की घोषणा कर दी थी, जिसे तुर्की के सैन्य ऑप्रेशन के लिए हरी झंडी समझा जा रहा था, उसके बाद बुधवार को तुर्की ने पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्दों के ख़िलाफ़ सैन्य कार्यवाही शुरू कर दी।
लेकिन पेंटागन ने अपने बयान में कहा है कि अमरीकी सैनिक कूबानी से नहीं निकलेंगे और वाशिंगटन सीरिया में तुर्की की सैन्य कार्यवाही का विरोध करता रहेगा।
पेंटागन ने तुर्की को धमकी देते हुए कहा है कि उसे कोई भी ऐसा क़दम उठाने से बचना चाहिए, जिससे अमरीकी सैनिकों को रक्षात्मक कार्यवाही के लिए मजबूर होना पड़े।
शुक्रवार देर रात एपी न्यूज़ एजेंसी ने ख़बर दी थी कि तुर्क सेना की गोलाबारी के बाद अमरीकी सैनिकों ने इस इलाक़े में स्थित चौकी ख़ाली कर दी है। इसी के साथ यह भी कहा है कि कूबानी में अमरीकी सैनिकों की एक दूसरी बड़ी चौकी ख़ाली नहीं की गई है।
तुर्क रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अमरीकी सेना की चौकी पर यह हमला कुर्द लड़ाकों के रॉकेट हमलों के जवाब में किया गया है, जो इस चौकी का इस्तेमाल कर रहे थे।
"One Army officer who has deployed to northeastern Syria and has knowledge of the situation said … that they had a "bracketing effect” in which shells landed on both sides of the US outpost.” https://t.co/5ZIoQ9BQIM
— Lost In America (@LostInAmerica7) October 13, 2019
अंकारा ने तुर्की की सीमा से लगे उत्तरी सीरिया में कुर्द लड़ाकों के सफ़ाए के लिए व्यापक हमले शुरू किए हैं, जिन्हें वह अपनी अखंडता के लिए ख़तरा समझता है।
वहीं अमरीका ने दाइश से लड़ने के बहाने कई साल से अपने सैनिक उत्तरी सीरिया में ग़ैर क़ानूनी रूप से तैनात कर रखे हैं और वह कुर्द लड़ाकों को सैन्य प्रशिक्षण और हथियार भी देता रहा है।
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