
महाराष्ट्र को जल्द ही नई सरकार मिलने वाली है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच समझौता तय हो गया है, लेकिन अभी भी दो मुद्दे ऐसे हैं जिनपर बात अटकी हुई है। इन दोनों मुद्दों पर अभी तीनों दलों के बीच में कोई सहमति नहीं बनी है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और एनसीपी ने बैठक के दौरान शिवसेना से मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने के लिए राजी कर लिया है। यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस और एनसीपी सरकरार के कार्यकाल में शुरु की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के साथ ही यह योजना लागू नहीं हो सकी थी। ऐसे में अगर शिवसेना-कांग्रेस और एनसीपी का गठबंधन वाली सरकार बनती है तो उक्त योजना फिर से लागू की जाएगी। इसके साथ ही न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत शिवसेना, वीर सावरकर को भारत रत्न देने की अपनी मांग से भी पीछे हट सकती है!
इनके अतिरिक्त कांग्रेस और एनसीपी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में कुछ वादे किए थे, जैसे किसानों का लोन माफ करना, 10 रुपए में खाना, बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता, नई इंडस्ट्री में स्थानीय युवाओं का नौकरी के लिए कोटा आदि भी न्यूनतम साझा कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, 17-18 नवंबर को शरद पवार और सोनिया गांधी की दिल्ली में मुलाकात हो सकती है, जिसमें शिवसेना से गठबंधन पर बातचीत हो सकती है।
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