युद्ध हुआ तो, कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ देने वाले देशों पर भी दागी जाएंगी मिसाइलें : पाक मंत्री

युद्ध हुआ तो, कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ देने वाले देशों पर भी दागी जाएंगी मिसाइलें : पाक मंत्री

नई दिल्ली: पाकिस्तानी मंत्री ने यह कहकर विवाद को जन्म दिया है कि “कोई भी देश जो कश्मीर मामले में भारत के साथ खड़ा होगा, उसे हमारे दुश्मन के रूप में लिया जाएगा और अगर युद्ध हुआ तो हमारी मिसाइलें उन्हें भी हिट करेगी”।

कश्मीर मामलों के लिए पाकिस्तान के संघीय मंत्री और गिलगित बाल्टिस्तान अली अमीन गंडापुर ने हाल ही में दावा किया था कि दुनिया कश्मीर विवाद पर चुप है और भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के परिणामस्वरूप दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच एक बड़ी युद्ध हो सकता है।

अगर भारत के साथ कश्मीर के मुद्दे पर तनाव बढ़ता है, तो पाकिस्तान युद्ध में जाने के लिए मजबूर होगा और कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ खड़े लोगों को इसके परिणाम भुगतने होंगे।

उन्होंने एक स्थानीय टेलीविजन पर एक साक्षात्कार के दौरान कहा, कोई भी देश जो कश्मीर पर भारत का समर्थन करेगा, उसे पाकिस्तान के दुश्मन के रूप में लिया जाएगा। और मिसाइलों को उस देश में भी हिट किया जाएगा।

पाक मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के यूरोपीय सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल इस स्थिति का जायजा लेने के लिए वर्तमान में जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहा है।

गंडापुर का बयान वायरल हो गया और इसे गैर-जिम्मेदाराना कहते हुए जनता द्वारा व्यापक रूप से आलोचना की जा रही है। गंदापुर ने कहा कि अगर कश्मीर के मसले पर भारत के साथ तनाव बढ़ता है तो पाकिस्तान युद्ध में जाने को तैयार रहेगा. ऐसे में जो देश कश्मीर मुद्दे पर भारत का साथ दे रहे हैं वह हमारे लिए दुश्मन की तरह हैं. हम भारत के साथ-साथ इन दशों पर भी मिसाइल दागेंगे.

इससे पहले भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर कई तरह के बयान दिए थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने देश के दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को कहा था कि कश्मीर में स्थिति को देखते हुए भारत के साथ वार्ता करने का सवाल ही नहीं है. ‘जियो न्यूज’ ने खबर दी थी कि खान ने अमेरिकी सीनेटर क्रिस वान होलेन और मैगी हसन के साथ बातचीत में कहा कि भारत के साथ कोई वार्ता नहीं होगी. दोनों सीनेटर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की रविवार को यात्रा करने के बाद अपने अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किए.

इमरान खान ने कहा था कि वह भारत-पाकिस्तान वार्ता के सबसे बड़े समर्थक हैं लेकिन कश्मीर में जब तक स्थिति बेहतर नहीं होती यह असंभव है. भारत ने पाकिस्तान को बताया था कि जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देता रहेगा नई दिल्ली, इस्लामाबाद के साथ वार्ता नहीं करेगा. खबर में बताया गया था कि कश्मीर में मानवाधिकार को लेकर चिंता जताने वाले अमेरिकी सीनेटरों में होलेन भी शामिल थी.

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