नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री ज़ायरा वसीम के एक्टिंग छोड़ने के फैसले का मुस्लिम स्कॉलरों द्वारा स्वागत किया गया है,और जायरा के फैसले का स्वागत करते हुए इसे अंतरात्मा की आवाज़ बताया है।
इस्लामिक स्कॉलर मुफ़्ती ओसामा इदरीस नदवी ने कहा कि जायरा वसीम के द्वारा लिये गए इस बड़े फैसले का जितना स्वागत किया जाये उतना कम है,क्योंकि उसने दौलत,शौहरत को कुर्बान करके अल्लाह के वास्ते ये बड़ा फैसला लिया है।
मुफ़्ती ओसामा नदवी ने कहा कि ज़ायरा वसीम अपने इस फैसले से बॉलीवुड के दूसरे लोगों के लिए उदाहरण बनी हैं,जिसने अपने कैरियर की मक़बूलियत के समय में एक्टिंग छोड़कर अल्लाह को राजी करने का फैसला किया है।
मुफ़्ती ओसामा नदवी ने कहा कि मैं ज़ायरा वसीम को मुबारकबाद पेश करता हूँ अल्लाह ने उसको क़ुबूल किया है और उसको मौका मिला है,ज़ायरा ने जो बातें अपने बारे में लिखी हैं वो ज़रूर अल्लाह की तरफ से हुई तौफीक का नतीजा है।

क्या लिखा है ज़ायरा वसीम ने ?
जायरा ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘पांच साल पहले मैंने जो फैसला लिया उसने मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल दी. मैंने बॉलीवुड में कदम रखा तो इसने मेरे लिए बेशुमार शौहरत के दरवाज़े खोल दिए. मैं पब्लिक अटेंशन पाने लगी. मुझे एक रोल मॉडल की तरह देखा जाने लगा, लेकिन ये वो नहीं था जो मैं चाहती थी. अब जबकि मुझे फिल्म इंडस्ट्री में पांच साल हो चुके हैं. मैं यह बात कुबूल करना चाहती हूं कि मैं अपनी इस पहचान और काम से खुश नहीं हूं. लंबे समय से काम करते हुए ये अहसास हो रहा है कि मैं कुछ और बनने के लिए जूझती आ रही हूं.’
उन्होंने लिखा, ‘इस फील्ड में मुझे बेहद प्यार, साथ और तारीफ मिली, लेकिन यह मुझे अज्ञानता की राह पर भी ले जा रही थी. यह मुझे मेरे ईमान से दूर कर रहा है. मेरे मजहब के साथ मेरे रिश्तों को खतरा पहुंचा रहा था. मुझे अहसास हो रहा है कि भले ही मैं यहां परफेक्टली फिट होती हूं, लेकिन मैं यहां की नहीं हूं. मैं आज ऑफीशियली ऐलान करती हूं कि मैं इस फील्ड से खुद को अलग कर रही हूं।