
चीन के झिंजियांग प्रांत में मुस्लिमों पर की जा रही सख्ती की निंदा करते हुए पलकों को संवारने का दिखावा करते बनाया गया एक युवती का टिक-टॉक वीडियो चीन के स्वामित्व वाले ऐप पर वायरल हो गया। इसके बाद ऐप पर बीजिंग विरोधी सामग्री को बंद करने का आरोप लगाया गया है। अमेरिकी किशोर फिरोजा अजीज की क्लिप को कई सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर लाखों लोगों ने देखा था। उस लड़की ने पोस्ट में खुद को “17 जस्ट ए मुस्लिम” के रूप में बताया था।
Strategic communication at it's best!
17 years old #Afghan
American
Feroza Aziz @x_feroza used Chinese platform #TikTok pretended to talk about eyelashes to raise awareness about China
treatment of #Uighur #Muslims in camps
Viewed by millions.
BRILLIANT AND COURAGEOUS
pic.twitter.com/Z0xbOrDgS9
— Farid Tavos (@tavosfa) November 26, 2019
अजीज ने कहा कि रविवार के क्लिप पोस्ट करने के बाद चीन के ऐप ने लोकप्रिय वीडियो प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर उसे एक महीने के लिए कुछ भी पोस्ट करने से ब्लॉक कर दिया है। मानवाधिकार समूहों और बाहर के विशेषज्ञों का कहना है कि झिंजियांग में एक लाख से अधिक उइगर और अन्य ज्यादातर मुस्लिम अल्पसंख्यकों को नजरबंद शिविरों में रखा गया है।
शुरू में शिविरों से इनकार करने के बाद चीन ने उन्हें व्यावसायिक स्कूल करार देते हुए कहा था कि यह मुस्लिमों को रोजगार दिलाने के लिए खोले गए हैं, जहां वे प्रशिक्षण हासिल करते हैं। इनका उद्देश्य शिक्षा और नौकरी के लिए प्रशिक्षण देकर इस्लामी चरमपंथ और हिंसा के खतरे को कम करना है। अजीज ने अपने वीडियो की शुरुआत में दर्शकों को बताना शुरू किया- “पहली बात जो आपको करने की जरूरत है वह है, आपका लैश कर्लर।” हालांकि, वह तुरंत ही विषय बदल देती है, कहती है- तो आप इसे नीचे रखने जा रहे हैं और फोन का उपयोग कर रहे हैं। आप अभी खोज रहे हैं कि चीन में क्या हो रहा है, निर्दोष मुस्लिम कैसे कंसंट्रेशन कैम्प्स में फेंके जा रहे हैं।
परिवारों को एक-दूसरे से अलग किया जा रहा है, उनका अपहरण करना, उनकी हत्या करना, उनके साथ बलात्कार करना, उन्हें सुअर का मांस खाने के लिए मजबूर करना, उन्हें शराब पीने के लिए मजबूर करना और उन्हें धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह एक अन्य होलोकास्ट, फिर भी कोई इसके बारे में बात नहीं कर रहा है। कृपया जागरुक रहें और झिंजियांग में अभी से जागरूकता फैलाएं।
बताते चलें कि अजीज के स्वामित्व वाला एक पिछला खाता न्यूजर्सी का था, जिसे टिकटोक ने एक अन्य कथित उल्लंघन के मामले में ब्लॉक कर दिया था। बुधवार सुबह तक पोस्ट को 15 लाख से अधिक बार देखा गया और पांच लाख एक हजार 900 लाइक्स मिले और छह लाख से ज्यादा टिप्पणियां मिलीं। इसके बाद झिंजियांग शिविरों के बारे में बात करने वाले दो अन्य वीडियो को 7,000 से अधिक बार देखा गया। आईलैश-कर्लिंग वीडियो को ट्विटर पर टिक-टॉक से अधिक लोगों ने देखा था। उसे ट्विटर पर 65 लाख लोगों ने देखा।
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Feroza Aziz
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