मुस्लमान तसव्वुर आख़िरत के साथ ज़िंदगी गुज़ारें: बिलौली में दो-रोज़ा तब्लीग़ी इजतिमा का इख़तताम 1.5 लाख से ज़ाइद मुस्लमानों की शिरकत

बिलौली: 14फरवरी (इबरार बैग) बिलौली से दो किलोमीटर की दूरी पर 12 और 13 फरवरी को नांदेड़ ज़िला का दो-रोज़ा उमूमी तब्लीग़ी इजतिमा मुनाक़िद किया गया था । हाफ़िज़मंज़ूर साहिब अमीर तब्लीग़ी जमात की दुआ पर इजतिमा का इख़तताम अमल में आया। अमीर साहिब ने दौरान दुआ आलम-ए-इस्लाम की सर-बुलंदी मुस्लमान की इज़्ज़त बहालीअमन और मुहब्बत की बरक़रारी मुल्क-ओ-क़ौम की तरक़्क़ीऔर तसव्वुर आख़िरत की ज़िंदगी के इलावा जिन लोगों ने इजतिमा के इनइक़ाद के लिए शदीद मशक़्क़त की उन्हें बरकत अता फ़रमाने और जिन्हों ने फ़राग़ दल के साथ इजतिमा के लिए अराज़ी दी उनकी भलाई के लिए दुआएं कीं।

इजतिमा में नांदेड़ ज़िला के इलावा क़रीबी रियास्तों तलंगाना कर्नाटक और आंधरा प्रदेश से भी हज़ारों मुस्लमानों ने शिरकत की । एक अंदाज़े के मुताबिक़ डेढ़ लाख से ज़ाइद मुस्लमानों ने शिरकत की। दो-रोज़ा तब्लीग़ी इजतिमा के आख़िरी और इख़ततामी बयान से मुख़ातब होते हुए मौलाना मुबय्यन साहिब ने अपने ख़िताब में कहा कि इन्सान दुनिया में चंद बरसों के लिए ज़िंदगी गुज़ारने आता है लेकिन वो इस कूफ़ना होने वाली दुनिया में ऐसे ज़िंदगी बसर करता है जैसे उसे हमेशा यहां रहना है । मौत का मज़ा सभी को चखना है ना जाने कब किस को बुलावा आजाए। किसी को मौत की फ़िक्र नहीं हो रही है हर इन्सान अपनी रोज़मर्रा की मसरुफ़ियात में मसरूफ़ है ।मुस्लमानों पर ज़िम्मेदारी है कि वो पहले अपनी ज़िंदगीयों में इस्लामी इन्क़िलाब पैदा करें और आप सिल्ली अल्लाह अलैहि वसल्लम की सुन्नत पर अमल करते हुए तसव्वुर आख़िरत के साथ अपनी ज़िंदगी गुज़ारे। उन्होंने मज़ीद कहा कि बातों से बात वजूद में आती है और अल्लाह के यहां बातों की कोई एहमीयत नहीं है अल्लाह तो सिर्फ बंदों के अमल को देखता है और आख़िरत में सिर्फ मुआमलात ही काम आएँगे और ये मुआमलात सिर्फ और सिर्फ दावत की मेहनत करने से ज़िंदगी में आते हैं और इस तरह के इजतिमा का मक़सद यही है कि तमाम मुस्लमान अल्लाह की राह में अपना वक़्त लगाऐं ।मौलाना मुबय्यन साहिब पूना) अपने दो घंटे के तवील बयान में दीन के रास्ते पर चलने से अल्लाह की मदद कैसे मिलती है इस सिलसिले में सहाबा किराम की ज़िंदगीयों का हवाला देते हुए तफ़सीली रोशनी डाली।इजतिमा की मुख़्तलिफ़ नशिस्तों से दीगर उलमाए ने भी बयान किया । 115 एकड़ अराज़ी पर मुनाक़िदा इजतिमाई की कामयाबी के लिए 500वालीनटरस ने पार्किंग ट्राफिक पानी स्पलाई लाईट वदीगर सहूलयात के की निगरानी की।

इजतिमा के इख़तताम पर तमाम शुरका बह आफ़ियत अपने अपने मुक़ामात पर पहुंच गए, महिकमा पुलिस की जानिब से डी एस पी धमाड़ की ज़ेर निगरानी में सर्किल इन्सपैक्टर भगवान धबड़गे ने भी अपने मुलाज़मीन के हमराह डयूटी को बहसन वख़ोबी अंजाम दिया। वाज़िह रहे कि 23 साल बाद बल्लू ली में इजतिमा का इनइक़ाद अमल में आया था। इजतिमा कारवा प्रवर मनज़रद देखने के लिए ग़ैर मुस्लिम भाईयों की बड़ी तादाद भी मौजूद थी।

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