नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के शाहीनबाग में एक महीने से अधिक समय से चले आरहे धरने प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन का समर्थन मिल गया है, इस धरने में बुधवार को पंजाब से दिल्ली पहुंचे किसानो ने भाग लिया।
वहीँ शाहीन बाग़ में सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाने और अवरुद्ध मार्ग खुलवाने के लिए हाईकोर्ट द्वारा दिशा निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने तय किया है कि वह प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें रास्ता खोलने के लिए मनाएगी।

मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक पुलिस ने तय किया है कि वह बलपूर्वक रास्ता खुलवाने की कोशिशों को अंजाम नहीं देगी बल्कि प्रदर्शनकारियों से संवाद करेगी और उन्हें रास्ता खाली करने के लिए मनाएगी।
कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की है, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हैं। विरोध में शामिल महिलाओं का कहना है कि पहले पीएम मोदी इस कानून को वापस लें, उसी के बाद वो हटेंगे। जब तक ये काला कानून वापस नहीं होगा, प्रदर्शनकारी नहीं हटेंगे।

वहीँ अब तक कई सामाजिक और राजनैतिक दलों के नेता प्रदर्शनकरियों को संबोधित करने शाहीन बाग़ पहुँच चुके हैं। नागरिकता कानून वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन को बुधवार को भारतीय किसान यूनियन का समर्थन मिला और पंजाब से बड़ी तादाद में हरे झंडे लेकर किसान यूनियन के सदस्य प्रदर्शन में शामिल हुए। इनमे महिलाएं भी शामिल थीं।
पिछले काफी दिनों से चल रहे शाहीन बाग़ प्रोटेस्ट अब तक पूरी तरह से अनुशासित तरीके से चल रहा है और यहाँ लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है। सबसे अहम बात यह है कि मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने के बावजूद यहाँ सभी धर्मो के लोग प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
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