फिल्म के दृश्य को महात्मा गांधी की हत्या के समय की तस्वीर बताकर साझा किया गया

सोशल मीडिया में एक तस्वीर प्रसारित है, जिसे नाथूराम गोडसे द्वारा गांधीजी की हत्या के समय का बताया जा रहा है। गांधी की 150 वीं जयंती के एक दिन बाद यानि 3 अक्टूबर को ट्विटर उपयोगकर्ता आज़मथ सुल्तान ने यह तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि, “गांधी जी की हत्या की दुर्लभ तस्वीर”-अनुवाद।

पाकिस्तान के इफ्तिखार चौधरी नामक यूज़र ने इस दावे के साथ तस्वीर को साझा किया कि तस्वीर में उस दृश्य को दिखाया गया है जिसमें “हिंदू अतिवादी RSS कार्यकर्ता नाथूराम गोडसे, जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी – उन्हें दो लोगों ने पकड़ रखा है और गांधीजी का मृत देह ज़मीन पर पड़ा है”-अनुवादित। ट्विटर हैंडल पाकिस्तान इंडेक्स ने भी समान दावे से तस्वीर को साझा किया है।

कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने इस तस्वीर को समान दावे के साथ फेसबुक और ट्विटर पर साझा किया है।

तथ्य जांच

ट्वीट पर किए गए कमेंट से ऑल्ट न्यूज़ ने पाया कि यह तस्वीर एक फिल्म ‘Nine Hours to Rama’ से ली गई है। यह फिल्म स्टेनली वोल्पर द्वारा लिखे गए इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।

नीचे पोस्ट की गई तस्वीर में, सोशल मीडिया में साझा की जा रही तस्वीर के किरदार को फिल्म में भी देखा जा सकता है।

हमें फिल्म के शूटिंग के दौरान एक अलग एंगल से ली गई तस्वीर भी मिली, जिसमें ऑनलाइन साझा किए जा रहे दृश्य को देखा जा सकता है।

Britannica के मुताबिक, ‘Nine Hours to Rama’ गांधी की हत्या के बाद की घटनाओं के बारे में एक महत्वाकांक्षी नाटक था। इस नाटक में Horst Buchholz मुख्य अभिनेता थे जिन्होंने 1963 में नाथूराम गोडसे की भूमिका निभाई थी।

‘Nine Hours to Rama’ नाटक के फिल्म सेट की एक तस्वीर को महात्मा गांधी की हत्या का बताकर साझा किया गया। यह नाटक महात्मा गांधी की हत्या की घटनाओं से संबधित है। इस हफ्ते की शुरुआत में, स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित एक फिल्म की क्लिपिंग शिकागो में आध्यात्मिक गुरु द्वारा दिए गए प्रतिष्ठित भाषण के ’दुर्लभ’ फुटेज के रूप में साझा की गई।

The post फिल्म के दृश्य को महात्मा गांधी की हत्या के समय की तस्वीर बताकर साझा किया गया appeared first on Alt News.

Syndicated Feed from Altnews/hindi Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading