
बीएचयू के कुलपति न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय ने संस्कृत विभाग में प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर कहा कि छात्रों द्वारा लिया गया स्टैंड गलत है।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, बीएचयू के संस्थापक मदन मोहन मालवीय की सोच व्यापक थी। अगर वह जीवित होते तो वह निश्चित रूप से नियुक्ति का समर्थन करते। बीएचयू फिरोज खान की नियुक्ति के निर्णय को वापस नहीं लेगा।
चीफ प्रॉक्टर ओपी राय ने कहा कि विश्वविद्यालय ने नियमों का पालन किया। फैसला वापस लेने का कोई सवाल नहीं है, छात्रों ने जो किया वो करने का उन्हें अधिकार है।
फिरोज खान की नियुक्ति पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्कृत विभाग के चेयरमैन ने कहा कहीं न कहीं नियुक्ति के समय बीएचयू चयन समिति से एक चूक हुई है।
इसमें कोई शक नहीं है कि फिरोज खान की नियुक्ति साफ ढंग से की गई है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म के शिक्षक को ही धर्मकांड पढ़ाना चाहिए।
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