नेतन्याहू पर जालसाजी, रिश्वतखोरी और विश्वासघात करने के आरोप तय!

नेतन्याहू पर जालसाजी, रिश्वतखोरी और विश्वासघात करने के आरोप तय!

इस्राएल एक साल में तीसरी बार आम चुनावों की तरफ बढ़ रहा है। इस्राएल के वर्तमान प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप तय हो गए हैं। आखिर क्या हैं वो मामले जिनमें ये आरोप तय हुए हैं।

डी डब्ल्यू हिन्दी पर छपी खबर के अनुसार, इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के तीन मामलों में आरोप तय किए गए हैं। वो इस्राएल के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ा है।

नेतन्याहू इस्राएल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता भी हैं। 21 नवंबर को नेतन्याहू पर तीन अलग अलग आपराधिक मामलों में जालसाजी, रिश्वतखोरी और विश्वासघात करने के आरोप तय किए गए हैं।

इस मुकदमे का नाम स्टेट ऑफ इस्राएल बनाम बेन्यामिन नेतन्याहू दिया गया है। आरोप तय होने की घोषणा पहले ही हो जानी थी लेकिन पहले अप्रैल में सरकार ना बन पाने पर फिर सितंबर में हुए आम चुनावों के चलते यह काम रुक गया था।

इस्राएल के अटॉर्नी जनरल अविचाई मैंडलब्लिट ने प्रधानमंत्री का पक्ष लेते हुए इन आरोपों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री से सत्ता छीनने की एक कोशिश है।

अविचाई मैंडलब्लिट इससे पहले नेतन्याहू की सरकार में कैबिनेट सैक्रेटरी रह चुके हैं। इस्राएली अखबारों में विपक्षी पार्टियों ने विज्ञापन देकर नेतन्याहू से पद छोड़ने की मांग की है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि नेतन्याहू ने धोखा किया है और उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

इस्राएली न्यूज एजेंसी हारेत्स के मुताबिक जिन तीन मामलों में नेतन्याहू पर आरोप तय हुए हैं उनके नाम केस 1000, केस 2000 और केस 4000 हैं। इन तीनों केसों की जांच तीन साल से चल रही थी।

उनके खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही अप्रैल में चुनावों से पहले शुरू हुई थी। 2018 में दो पुलिस रिपोर्टों में उनके ऊपर आरोप तय करने की बात कही गई थी।

केस 1000 में उनके ऊपर जालसाजी और विश्वासघात के आरोप हैं। इस केस में आरोप है कि नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर अर्नन मिल्शेन और ऑस्ट्रेलियाई व्यापारी जेम्स पैकर से 2,80,000 डॉलर रुपये के महंगे गिफ्ट लिए।

इसके बदले में उन्होंने 2007 से 2016 तक उनकी राजनीतिक मदद की। नेतन्याहू ने गिफ्ट लेने की बात स्वीकार की लेकिन इसे दोस्तों की ओर से दिया सामान्य गिफ्ट बताया।

केस 2000 में नेतन्याहू पर जालसाजी और विश्वासघात आरोप है। इसके मुताबिक उन्होंने 2015 के चुनाव के दौरान इस्राएल के सबसे बड़े हिब्रू भाषा के अखबार से अपने पक्ष में मीडिया कवरेज करवाने की बात की।

इसके बदले में उन्होंने इस अखबार के प्रतिद्वंदी अखबार को नुकसान पहुंचाने के लिए समझौता करने की कोशिश की थी। हालांकि यह समझौता कभी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच सका।

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