
राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड भले ही पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने की बात कही हो लेकिन पीस पार्टी नामक संस्था ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी।
साथ ही नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी पर हमला बोलते हुए पीस पार्टी के अध्यक्ष ने कहा है कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन बिल सिर्फ देश के मुसलमानों को परेशान करने और सरकार की आर्थिक नाकामियों को छिपाने का कोशिश है।
डेली न्यूज़ पर छपी खबर के अनुसार, आयोजित एक प्रेस वार्ता में देश के वर्तमान हालात पर चर्चा करते हुए डॉक्टर अय्यूब (राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीस पार्टी) ने कहा है की मौजूदा दौर में केंद्र सरकार ऐसे मुद्दों को बढ़ावा देने में लगी है ताकि देश के मुसलमानों को परेशान किया जा सके।
सरकार अपनी आर्थिक और सामाजिक नाकामियों को छिपाने के लिए बेबुनियाद मुद्दों को उठा रही है, लेकिन पीस पार्टी भाजपा की इस विचारधारा के खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ेगी।
नागरिकता संशोधन बिल पर हमला बोलते हुए डॉक्टर अय्यूब ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार, एक देश -एक कानून की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ सिटिजनशिप एमेंडमेंट बिल लाने की बात कहती है।
जो धार्मिक आधार पर लाया जा रहा है। पीस पार्टी बाबा साहब और गांधी की विचारधारा के विपरीत इस बिल का विरोध करती है और पार्टी इसके विरोध में देशभर में आंदोलन खड़ा करके सड़क से सांसद तक विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह कहते हैं कि हिंदू, पारसी, बौद्ध, सिख, इसाई और जैन धर्म के लोगों को नागरिकता दी जाएगी, लेकिन मुसलमानों को भारत का नागरिक नहीं मानती।
डॉक्टर अय्यूब ने कहा कि बाबरी मस्जिद फैसले का जिक्र करते हुए डॉक्टर अय्यूब नेकहा कि बाबरी मस्जिद फैसले से हम असहमत हैं। पीस पार्टी सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगी।
Syndicated Feed from Siasat hindi – hindi.siasat.com Original Link- Source