
मशहूर शायर अजमल सुल्तानपुरी का बुधवार देर रात निधन हो गया. वह 95 वर्ष के थे और पिछले काफी समय से बीमार थे। विश्व विख्यात शायर अजमल सुल्तानपुरी का निधन उनके निवास पर हुआ। अपनी खास नज्म कहां है वो मेरा हिंदुस्तान जिसे मैं ढूंढ रहा हूं से उन्होंने विदेशों तक पहचान बनाई थी।
साल 1926 में अजमल सुल्तानपुरी का जन्म उत्तर प्रदेश में कुड़वार बाजार के पास स्थित हरखपुर गांव में हुआ था। अदब के शायर अजमल सुलतानपुरी अपने रचनाओं के दम पर देश-विदेश में बड़े-बड़े कवि सम्मेलनों की शोभा बढ़ाया है।
सुलतानुपरी देश के कई स्थानों के साथ ही दुबई, सऊदिया, कुवैद में कवि सम्मेलन का हिस्सा बन चुके थे । अमेरिका और पाकिस्तान नहीं गए हैं। एक बार पाकिस्तान कवि सम्मेलन के लिए उन्हें आफर आया था, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया था ।
फिल्मों का आफर भी ठुकराया
अमजल सुलतानपुरी ने मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री से कई आफर ठुकरा दिया कि हमारी ही बहू बेटियां फिल्मों में मेरे ही गीत पर नाचेंगी गाएंगी यह मुझे मंजूर नहीं है।
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