20 दिसंबर को सोशल मीडिया में एक तस्वीर साझा की गई, जिसमें पुलिसकर्मी को राष्ट्रिय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संसोधन विधेयक (CAB) के विरोध में प्लेकार्ड लेकर खड़े हुए देखा जा सकता है। इस तस्वीर को ट्विटर पर यह कहते हुए साझा किया गया है –“हम कहते थे ना…. पुलिस के जवान भी संविधान बचाने के लिए हमारे साथ हैं , सिवाए RSS आतंकियों के।”
हम कहते थे ना….. पुलिस के जवान भी संविधान बचाने के लिए आपके साथ खड़े हैं pic.twitter.com/hdalvHynTn
— Kunwar asif malik (@asifmal54087579) December 22, 2019
कई लोगों ने इस तस्वीर को ट्विटर और फेसबुक पर साझा किया है।

ऑल्ट न्यूज़ को इस तस्वीर की पड़ताल के कई अनुरोध अपने आधिकारिक व्हाट्सअप नंबर (98252 55790) और मोबाइल एप पर प्राप्त हुए हैं।

खराब तरीके से फॉटोशॉप की हुई तस्वीर
साझा की गई तस्वीर एडिट की हुई है। कोई भी व्यक्ति तस्वीर में एडिट किये हुए हिस्से को देख सकता है। वायरल तस्वीर में, अस्पष्ट भाग को देखा जा सकता है और इसे नीचे हाईलाइट भी किया गया है।

ऑल्ट न्यूज़ ने इस तस्वीर को रिवर्स सर्च किया और हमें द हिन्दू का 5 नवंबर, 2019 को प्रकाशित एक लेख मिला, जिसमें इस तस्वीर को प्रकाशित किया गया है। यह लेख दिल्ली पुलिस कार्यालय के बाहर पुलिस के विरोध प्रदर्शन के बारे में है। यह तस्वीर, 4 नवंबर को नई दिल्ली की साकेत कोर्ट के बाहर कुछ वकीलों द्वारा एक पुलिसकर्मी की पिटाई करने के बाद हुए विरोध प्रदर्शन की है।

इस तरह, दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन की तस्वीर को फॉटोशॉप कर इस झूठे दावे से साझा किया गया कि यह पुलिसकर्मियों के CAB और NRC के खिलाफ प्रदर्शन करने की तस्वीर है।
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