
हैदराबाद में वेटनरी युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चलाए जाने से पहले ही पुलिस द्वारा उन्हें मुठभेड़ में मार गिराने पर उनके परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, दो ट्रक चालकों और दो क्लीनरों के परिजनों का कहना है कि अगर कोर्ट ट्रायल के बाद उन्हें सजा देता तो उन्हें जरा भी दुख नहीं होता।
पुलिस मुठभेड़ में आरोपियों के मारे जाने की खबर जब तेलांगना के नारायणपेट जिले में रहने वाले उनके परिजनों तक पहुंची तो वे दंग रह गए। मुख्य आरोपी मोहम्मद पाशा उर्फ आरिफ की मां तब फफक कर रोने लगी, जब मीडियाकर्मी उनसे बात करने के लिए उनके घर गए। महिला ने कहा कि मैंने अपने बेटे को खो दिया। अब आप मुझसे क्या सुनना चाहते हैं?”
आरिफ के पिता मोहम्मद हुसैन और अन्य रिश्तेदार उसका शव लेने के लिए रंगा रेड्डी जिले के शादनगर शहर के लिए रवाना हो गए। वहीं दूसरे आरोपी चिताकुंटा चेन्नकेशवुलु की गर्भवती पत्नी रेणुका चाहती है कि पुलिस उसे भी मार डाले। रेणुका ने कहा कि मैं अपने पति के बिना नहीं रह सकती हूं। मुझे भी मार डालो।
रेणुका ने आगे कहा कि पुलिस ने यह कहकर मेरे पति को उठाया था कि वे उसे वापस लेकर आएंगे। लेकिन उन्होंने उन्हें मार डाला। दोनों की शादी एक साल पहले हुई थी।
तीसरे आरोपी जोलु शिवा के पिता रजप्पा इस बात से आश्चर्यचकित हैं कि अतीत में पुलिस ने आरोपियों को ऐसी सजा क्यों नहीं दी। उन्होंने पूछा, “सिर्फ मेरे बेटे और बाकी तीनों की जान क्यों ली गई?”
वहीं चौथे आरोपी छोलु नवीन के पिता एलप्पा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपने बेटे से मिलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस को हमें उससे मिलने देना चाहिए था, बात करने देना चाहिए था। पुलिस के पास उसे और अन्य आरोपियों को कोर्ट के सामने पेश करने का और उन्हें दोषी साबित करने का पूरा समय था।
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