
गुजरात में हिंदू परिवार तेजी से धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। ये लोग हिंदू से मुस्लिम बन रहे हैं। इसके लिए राज्य के कई लोगों ने राज्य सरकार से धर्मांतरण के लिए अनुमति मांगी है। ये चौंकाने वाले तथ्य राज्य के मुख्यमंत्री और गृह विभाग को संभाल रहे विजय रुपाणी ने दी। फिलहाल धर्मांतरण को लेकर अब राजनैतिक घमासान शुरू होने के आसार हैं। अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी में कड़क मिजाज का माना जाता है और वहीं बीजेपी को हिंदूओं की पार्टी के तौर पर जाना जाता है। लेकिन उसके बावजूद गुजरात में धर्मांतरण होना गंभीर मुद्दा है। देशभर में मुस्लिम संगठनों और ईसाई संगठनों के द्वारा धर्मांतरण किया जाता है। इस बात को लेकर हिंदू संगठन इसका विरोध करते हैं। लेकिन अब गुजरात में धर्मांतरण तेजी से होने को लेकर राज्य सरकार गंभीर है।
राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विधानसभा को बताया कि पिछले दो साल के दौरान राज्य में 863 हिंदुओं और 35 मुसलमानों समेत 911 लोगों ने अपने धर्मांतरण की अनुमति मांगी है। यानी हिंदू संख्या की लिहाजा से कई गुना ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 911 में से 689 लोगों को अनुमति दी। असल में इस बारे में कांग्रेस के विधायकों ने राज्य सरकार से जानकारी मांगी थी।
उन्होंने गृह विभाग से धर्म परिवर्तन के लिए पिछले दो साल में आए आवेदनों की जानकारी देने को कहा था। कांग्रेस के विधायकों को जवाब देते हुए रुपाणी ने कहा कि 911 आवेदन पत्रों में से हिंदुओं के 863, मुसलमानों के 35, ईसाइयों के 11, और बौद्ध का एक आवेदन मिला है। राज्य में धर्म परिवर्तन के मामले में हिंदू सबसे आगे हैं।
राज्य में हिंदुओं में धर्मांतरण की सर्वाधिक संख्या सूरत जिले की है यहां पर 474 लोगों ने धर्मांतरण के लिए आवेदन किया। इसके साथ ही जूनागढ़ में 152 और आणंद 61 के हिंदुओं ने धर्मांतरण के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात धार्मिक स्वतंत्रता कानून के तहत कोई भी धर्मांतरण कर सकता है। जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए यह कानून 2008 में लागू किया गया था।
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