नई दिल्ली: झारखण्ड की एक अदालत ने एक युवती को क़ुरआन की पांच प्रतियां बांटने का आदेश दिया है,इस अदालत ने लड़की को सज़ा के तौर पर क़ुरआन बांटने को कहा है,कोर्ट के इस फैसले का सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लड़की के साहस की सराहना की और कहा कि उसने कुरान नहीं बांटने के आदेश को न मानकर सही किया। वहीं कई यूजर्स ने इस तरह का फैसला देने वाले जज पर भड़के।
लोगों ने कहा कि एक जज इस तरह का आदेश कैसे दे सकता है। दरअसल लड़की को रांची कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह कुरान की 5 प्रतियां बांटेंगी लेकिन लड़की ने कहा कि वे ऐसा नहीं करेगी, क्योंकि आज कुरान की प्रतिया बांटने को कहा जा रहा तो कल को कहेंगे कि इस्लाम कबूल कर लो।
Richa Bharti, a student was directed by a Ranchi court to distribute 5 copies of Quran as condition for bail for posting an allegedly communal post on social media.She says,"Other communities also make such posts,have they ever been asked to recite Hanuman Chalisa&visit temples?" pic.twitter.com/GQCml3Qtfj
— ANI (@ANI) July 16, 2019
बता दें कि लड़की पर आपत्तिजनक पोस्ट मामले में एक मामला दर्ज था जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया। हिंदू संगठनों समेत स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम का कड़ा विरोध किया था। शनिवार को स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन के सामने धरना प्रदर्शन किया था, जिसके बाद पुलिस ने भरोसा दिया कि वह जल्द ही लड़की को रिहा कर देंगे।

न्यायिक मैजिस्ट्रेट मनीष सिंह ने लड़की को इस शर्त पर जमानत दी कि वह कुरान की एक कॉपी अंजुमन इस्लामिया कमिटी और 4 अन्य कापियां विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों को दान करेगी। लड़की के वकील राम प्रवेश सिंह ने कहा कि ‘अदालत ने सशर्त जमानत देते हुए कहा कि उसे प्रशासन की मौजूदगी में अंजुमन इस्लामिया को कुरान की एक प्रति सौंपनी होगी और उसकी रसीद लेनी होगी। लड़की को अगले 15 दिनों के अंदर सभी रसीद कोर्ट में जमा करानी होगी।