
कर्नाटक के अयोग्य विधायकों ने सर्वोच्च न्यायालय से जल्द सुनवाई की मांग की थी, किन्तु अदालत ने इससे साफ़ इनाकर कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पहले मामले की लिस्टिंग के लिए रजिस्ट्री से संपर्क करें।
न्यूज़ ट्रैक पर छपी खबर के अनुसार, विधायकों को तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया था। विधायकों ने स्पीकर के आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की एकल बेंच ने कहा कि याचिका पहले रजिस्ट्रार द्वारा एग्जामिन की जाएगी। उल्लेखनीय है कि 1 अगस्त को कांग्रेस-जेडीएस के 15 विधयकों ने स्पीकर के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था। इन सभी विधायकों को विधानसभा के पूरे कार्यकाल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
याचिका में विधायकों ने स्पीकर के 28 जुलाई आदेश को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया है।” याचिका में विधायकों ने कहा कि उनका इस्तीफा स्वैच्छिक था।
आपको बता दें कि पिछले महीने कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश की कुमारस्वामी सरकार 14 महीने बाद गिर गई थी। कुमारस्वामी विश्वास मत के दौरान बहुमत साबित नहीं कर सके थे। इसके बाद भाजपा ने कर्नाटक में सरकार का गठन किया था और येदियुरप्पा सीएम बने थे।
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