
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपने देश को एक और अंतर्राष्ट्रीय संधि से बाहर निकालने के आदेश पर दस्तख़त कर दिए हैं।
Pulling out of the Treaty on Open Skies is yet another step of America’s harmful withdrawal from the world and from agreements that provide for our national security. We need a President who will re-engage with the world, not withdraw from it behind walls.
— Joe Sestak (@JoeSestak) October 28, 2019
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, अमरीका के विवादित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सत्ताकाल की एक बड़ी विशेषता अहम अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से अमरीका का बाहर निकलना है। ट्रम्प ने पिछले तीन साल से कम के समय में अनेक अंंतर्राष्ट्रीय समझौतों से अमरीका को एक पक्षीय रूप से बाहर निकाला है।
इसकी ताज़ा कड़ी “खुले आकाशों की संधि” से अमरीका का निकलना है। ट्रम्प ने इस संधि से निकलने के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
खुले आकाशों की संधि, संसार के 34 देशों के बीच होने वाला एक समझौता है जो सदस्य देशों की वायु सीमा में जासूसी विमानों की उड़ान की अनुमति के बारे में है।
इस पर 1992 में दस्तख़त हुए थे और वर्ष 2002 से इसे लागू कर दिया गया था। यह समझौता, शीत युद्ध के बाद विश्वास बहाली की अंतर्राष्ट्रीय कोशिशों का एक भाग है।
सैन्य गतिविधियों की पारदर्शिता के लिए एक अति व्यापक अंतर्राष्ट्रीय समझौता समझा जाता है। सदस्य देशों को इस बात की अनुमति हासिल है कि वे सैन्य बलों के बारे में सूचनाएं हासिल करने के लिए अन्य सदस्य देशों की वायु सीमा में ग़ैर सशस्त्र जासूसी उड़ान भरें।
सन 2002 में लागू होने के बाद से यह समझौता अमरीका व उसके यूरोपीय घटकों के लिए रूस की सैन्य गतिविधियों पर नज़र रखने का एक अहम हथकंडा था।
इस संधि से निकलने के डोनल्ड ट्रम्प के फ़ैसले की अमरीका के घटकों और अमरीकी प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने कड़ी आलोचना की है।
सितम्बर में ही कई सांसदों ने एक पत्र लिख कर कहा था कि खुले आकाशों की संधि से निकलना, जो सैन्य हथियारों पर नियंत्रण के संबंध में एक अत्यंत अहम संधि है, ट्रम्प सरकार की ओर से रूस के राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन के लिए एक और तोहफ़ा हो सकता है।
इन सांसदों ने कहा था कि इस फ़ैसले के परिणामों के बारे में संसद से किसी भी तरह का परामर्श नहीं किया गया है और इस संधि से निकलने का ट्रम्प सरकार का संभावित फ़ैसला गहरी चिंता का विषय है।
इस संबंध में एक अहम बिंदु यह है कि वर्ष 2019 में अमरीका के सैन्य बजट में, जिस पर ट्रम्प ने अगस्त 2018 में दस्तख़त किए थे, कहा गया है कि अमरीका Treaty on Open Skies के परिप्रेक्ष्य में रूस के साथ तब तक सहयोग बंद नहीं करेगा जब तक माॅस्को उसका पालन करता रहेगा।
वास्तव में यह समझौता अमरीका व रूस के बीच तनाव का कारण बन गया है। अमरीका कई साल से विभिन्न बहानों के माध्यम से इस संधि से निकलना चाहता है और वह रूस पर तरह तरह के आरोप भी लगाता है लेकिन रूस इस बात से अच्छी तरह अवगत है कि अमरीका इस समझौते से छुटकारे की कोशिश में है और इसी लिए उसने पिछले साल इस समझौते में अमरीका की सम्मिलिति को अस्थायी रूप से रोके जाने के बारे में चेतावनी दी थी और कहा था कि माॅस्को अमरीका के इस क़दम के जवाब की समीक्षा कर रहा है।
बहरहाल अब अमरीका ने इस अत्यंत अंतर्राष्ट्रीय समझौते से निकलने की राह में पहला क़दम उठा लिया है और इस तरह उसने एक बार फिर विश्व मंच पर अुसरक्षा व अस्थिरता बढ़ाने वाला एक क़दम उठाया है। किसी को भी यह नहीं पता है कि अंतर्राष्ट्रीय समझौतों से निकलने का अमरीका का यह सिलसिला कब तक और कहां तक जारी रहेगा?
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