
नई दिल्ली: Steno Impero Tanker Seized: ईरान और ब्रिटेन के बीच तनाव बढ़ गया है बताया जा रहा है कि ईरान ने ‘स्टेना इम्पैरो’ नामक टैंकर को शुक्रवार को जब्त कर लिया है, इसको लेकर ब्रिटेन बेहद खफा है। ब्रिटेन ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने खाड़ी में दो पोत जब्त कर लिए हैं। वहीं विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने जब्ती की इन घटनाओं की निंदा करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि वह ऐसी घटनाओं को लेकर ‘बहुत चिंतित’ हैं। उन्होंने कहा, ‘होरमुज जलडमरूमध्य में ईरानी अधिकारियों द्वारा दो नौसैन्य पोतों को जब्त किए जाने से अत्यंत चिंतित हूं।’ हंट ने कहा, ‘‘ये जब्तियां अस्वीकार्य हैं।’
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने कहा कि तेहरान द्वारा ब्रिटेन के एक ईंधन टैंकर को जब्त किए जाने का कदम दर्शाता है कि ‘ईरान अवैध और अस्थिर व्यवहार वाले खतरनाक रास्ते को चुन रहा है।’ हंट ने ट्वीट किया, ‘हमारी प्रतिक्रिया सोची-समझी और ठोस होगी। ब्रिटेन अपने जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।’
हालांकि खाड़ी में जिस दूसरे टैंकर को जब्त किए जाने की बात कही जा रही है, उसे बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी ने कहा है कि पोत पर कुछ समय के लिए सशस्त्र कर्मी सवार हुए थे लेकिन अब उसे रवाना कर दिया गया है। नोरबल्क शिपिंग यूके ने पोत के बारे में बयान जारी कर कहा, ‘पोत के साथ संपर्क फिर से स्थापित हो गया है और (कैप्टन) ने पुष्टि की है कि सशस्त्र गार्ड पोत से उतर गए हैं और वह यात्रा के लिए स्वतंत्र हैं। चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित और ठीक हैं।
ब्रिटेन ने कहा है कि वह ईरान द्वारा ब्रिटेन के टैंकर को जब्त करने के कदम से चिंतित हैं और उसने तेहरान को अवैध और अस्थिर बर्ताव वाला खतरनाक रास्ता चुनने के खिलाफ आगाह किया है। इस टैंकर के 23 सदस्यीय चालक दल में 18 भारतीय नागरिक हैं।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि ईरान की मछली पकड़ने की एक नौका के साथ कथित भिड़ंत के कारण ब्रिटिश ध्वज वाहक तेल टैंकर को ईरान ने जब्त किया।इसमें कहा गया कि चालक दल के सदस्यों के हताहत होने की खबर नहीं है। इस टैंकर में भारत के अलावा रूस,लात्विया और फिलीपीन के नागरिक सवार थे।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे ‘अस्वीकार्य’ बताया और कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बरकरार रखी जानी चाहिए।यह घटना ईरान के तेल सुपरटैंकर ‘ग्रेस1’ के स्पेन के तट में पकड़े जाने के बाद हुई है। हंट ने ट्वीट कर कहा, ‘हमारी प्रतिक्रिया सुविचारित किंतु ठोस होगी। हम ‘ग्रेस1’ के मुद्दे को हल करने का तरीका ढूंढ़ने का प्रयास कर रहे हैं,लेकिन हम अपने पोत की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।’
उन्होंने कहा,’कल खाड़ी में हुई घटना चिंताजनक संकेत दे रही है कि ईरान अवैध और अस्थिर बर्ताव के खतरनाक रास्ते पर जा रहा है। यह सीरिया जा रहे तेलटैंकर के जिब्राल्टर में कानूनी तरीके से पकड़े जाने के बाद हुआ है।’ टैंकर का स्वामित्व रखने वाली स्वीडन की कंपनी स्टेना बल्क ने कहा कि वे हरमुज जलडमरूमध्य में जब्त किए गए जहाज से संपर्क करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि पोत के मालिक नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहे थे। और जब उसे पकड़ा गया वह अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में था।
ब्रिटेन के दूसरे पोत ‘एमवी मेस्डार’ पर लाइबेरिया का झंडा लगा था । इस पर भी सशस्त्र गार्ड्स चढ़ गए थे लेकिन इसे बाद में रिहा कर दिया गया। हंट ने शुक्रवार को घटना के तत्काल बाद कहा था, ‘हम सैन्य विकल्पों पर विचार नहीं कर रहे हैं। हम स्थिति से निपटने के लिए कूटनीतिक तरीके तलाश कर रहे हैं।’
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