
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान ने ऐसी स्थिति में रूस के आधुनिक मीज़ाईल तंत्र एस-400 के जुलाई के पहले पखवाड़े तक देश पहुंचने की सूचना दी है कि अमरीका ने इस संबंध में तुर्की को धमकी दी है।
तुर्क राष्ट्रपति ने ताजिकिस्तान में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद देश के एनटीवी ब्रोडकास्टर को इंटरव्यू में कहाः “मेरे विचार में जुलाई के पहले पखवाड़े में उसका आना शुरु हो जाएगा। हमने रूस से एस-400 के विषय में चर्चा की। यह मुद्दा निश्चित रूप से हल हो चुका है।”
तुर्की और रूस के बीच दिसंबर 2017 में एस-400 की ख़रीदारी का सौदा हो गया था। तुर्की ने यह क़दम, अमरीका के सीरिया से मिली तुर्की की सीमा से ज़मीन से हवा में मार करने वाले पेट्रियट मीज़ाईल तंत्र को हटाने के फ़ैसले के 2 वर्ष बाद, उठाया।
तबसे वॉशिंग्टन अंकारा को एस-400 की ख़रीदारी को लेकर धमकी देता रहा है। इन धमकियों में तुर्क कंपनियों की साझेदारी से एफ-35 फ़ाइटर जेट के निर्माण के कार्यक्रम से तुर्की को निकालना शामिल है।
एफ-35 फ़ाइटर जेट के निर्माण कार्यक्रम में तुर्की की कई बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं और तुर्क पायलेट को अमरीका में इस विमान को उड़ाने की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है।
पार्स टुडे डॉट कॉम के अनुसार, अंकारा के रूस से एस-400 ख़रीदने के फ़ैसले पर अटल रहने की वजह से, हाल में अमरीका ने तुर्की के पायलेट को ट्रेनिंग देना रोक दी है।
सोमवार को अमरीकी प्रतिनिधि सभा में एक अबाध्यकारी प्रस्ताव पारित हुआ जिसमें तुर्की से मांग की गयी है कि वह रूस से एस-400 मीज़ाईल तंत्र न ख़रीदे और अगर उसने ऐसा किया तो उसे पाबंदियों का सामना होगा।
तुर्क विदेश मंत्रालय ने अमरीकी प्रतिनिधि सभा के इस क़दम की अस्वीकार्य धमकी के रूप में आलोचना की है।
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