इंदिरा गांधी अस्पताल पर सवा तीन करोड़ खर्च कर दी जाएगी अधिक सेवाएं
भिवंडी ।। भिवंडी के इकलौते इंदिरा गांधी सरकारी उपजिला अस्पताल सवा तीन करोड़ खर्च कर अधिक सेवाएं प्रदान करने की बात सामने आ रही है जिसे पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे के प्रयत्न से मंजूर किया गया था।लेकिन इस अस्पताल के काम का श्रेय लेने में कोई और जुट गया है।जिसकी शहर में जमकर चर्चा हो रही है।
गौरतलब हो कि कई वर्ष पूर्व भिवंडी मनपा के सौ बेड वाले इंदिरा गांधी अस्पताल को राज्य सरकार ने अपने कब्जे में लेकर इसे उपजिला अस्पताल का दर्ज दिया था।इस अस्पताल में भिवंडी शहर,तालुका के अलावा वाड़ा तक के लोग इलाज के लिए आते है।लेकिन उक्त अस्पताल सरकारी उपेक्षा का शिकार बना रहा।इंदिरा गांधी सरकारी उपजिला अस्पताल में फैली दुर्व्यवस्था को दूर करने,अस्पताल में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ आधुनिक मशीने खरीदने के साथ ही अस्पताल बिल्डिंग की मरम्मत व बेड बढ़ाने के मद्देनजर भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र के पूर्व शिवसेना विधायक रूपेश म्हात्रे ने अस्पताल को उक्त तमाम सुविधा उपलब्ध कराने के साथ अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए निधि देने की मांग तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत को बार बार पत्र देकर करते आ रहे है।इतना ही नही इसके बाद उन्होंने पालक मंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मामले में कई बार बैठक किए।जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की मरम्मत के लिए 20 जून 2019 को पत्र क्रमांक ठामं/प्रशा-3/3951 ,दिनांक 29 अगस्त 2019 को अस्पताल की मरम्मत के लिए चार करोड़ की निधी को मंजूरी थी।पीडब्लूडी सूत्रों के अनुसार इसके बाद दो बार अस्पताल की मरम्मत के लिए टेंडर भी निकाला गया।लेकिन किसी ने टेंडर नही लिया।जिसके बाद उक्त विभाग ने पुनः टेंडर निकाला है।जिसे भरने के बाद जल्द ही अस्पताल के मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा।इधर पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे का कहना है कि उनके द्वारा शहर हित में जो भी कार्य हो सका उन्होंने किया।अब झूठे का मुंह जनता काला करेगी।
