असम एनआरसी: प्रक्रिया की खामियों और पक्षपात के कारण असल नागरिक हुए बाहर!

असम एनआरसी: प्रक्रिया की खामियों और पक्षपात के कारण असल नागरिक हुए बाहर!

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की केंद्रीय सचिवालय ने असम एनआरसी की फाइनल लिस्ट आने के बाद, एक बयान जारी करते हुए कहा है कि लगभग 20 लाख लोगों को खारिज किया जाना एक बहुत बड़ी समस्या है और यह कि प्रक्रिया की खामियों और पक्षपात के कारण असल भारतीय नागरिक लिस्ट में शामिल नहीं हो सके। बयान में सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया गया कि एनआरसी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता के साथ और उद्देश्य को सामने रखते हुए काम किया गया है।

भले ही एनआरसी को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में अंजाम दिया गया लेकिन जमीनी स्तर पर प्राकृतिक न्याय के उसूलों का बहुत उल्लंघन हुआ है। फाइनल लिस्ट आने के बाद कई मामलों में एक ही परिवार के सदस्यों को दो हिस्सों नागरिक और गैर नागरिक में बांट दिया गया। कई मामले ऐसे सामने आए जिनमें बाप नागरिक है तो बच्चे नहीं हैं और भाई नागरिक है तो बहन नहीं है। प्रक्रिया के बारे में बड़े पैमाने पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं जिसकी वजह से राज्य की लगभग 6 फ़ीसदी आबादी को गैर नागरिक करार दिया गया है। यहां तक कि सरकारी सेवाओं और सेना में काम कर चुके लोगों के नाम भी लिस्ट में शामिल नहीं किए गए जो प्रक्रिया की गलतियों और पक्षपात का पता देता है। इसलिए निष्पक्षता के लंबे चौड़े दावे सिर्फ एक धोखा है।

फाइनल लिस्ट में शामिल न किए जाने वालों को फॉरेन ट्रिब्यूनल और उच्च न्यायालयों में अपनी नागरिकता साबित करने का मौका दिए जाने और उनके साथ विदेशी जैसा बर्ताव ना करने का आश्वासन काफी नहीं है। एफ टी जजों और उनके पेशेवराना कामकाज पर बहुत कम ही बात की गई है।

फाइनल लिस्ट से खारिज लोगों के अस्थाई दर्जे के बारे में कोई स्पष्ट बात नहीं की गई है कि जब तक उनके बारे में फैसला नहीं आ जाता क्या उन्हें चुनाव प्रक्रिया सहित दूसरे नागरिक अधिकार हासिल होंगे या नहीं।

एक तरफ अधिकारी जनता से परेशान ना होने की बात कर रहे हैं लेकिन जनता और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता इसको लेकर सख्त चिंता का शिकार हैं कि जिन लोगों को लिस्ट से खारिज किया गया है वह न केवल अधिकारों से वंचित हो सकते हैं बल्कि उन्हें जेल और देश निकाला का भी सामना करना पड़ सकता है, विशेष रुप से तब जब कि सरकार ने 10 नए डिटेंशन सेंटर बनाने का ऐलान किया है। रिपोर्ट बताती है कि लगभग 1000 लोगों को फिलहाल 6 डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

केंद्रीय सचिवालय के बयान में इस ओर इशारा किया गया कि पॉपुलर फ्रंट असम प्रदेश पदाधिकारियों ने कल गुवाहाटी में एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की और असम के सभी लोगों के नागरिक अधिकारों के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का हौसला जताया। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने भारतीय नागरिक समाज से अपील की कि वे असम में इस बड़े पैमाने पर इंसानी तबाही को किसी भी कीमत पर ना होने दें।

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