
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनआरसी के मद्देनजर किसी भी तरह के डिटेंशन सेंटर बनाए जाने से इनकार किया था। इस बीच कर्नाटक के नेलामंगला में अवैध प्रवासियों के लिए पहले डिटेंशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। समाज कल्याण विभाग के कमिश्नर आरएस पेड्डापैय्या ने बताया कि यह डिटेंशन सेंटर अवैध प्रवासियों के लिए पूरी तरह से तैयार है।
राज्य सरकार की इसे जनवरी में ही खोलने की योजना थी लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उन्होंने इसे टाल दिया। पेड्डापैय्या ने बताया कि फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस प्रदेश में अवैध नागरिकों की पहचान करेगा और फिर उन्हें डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि हम उन्हें (अवैध प्रवासियों को) सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के साथ आश्रय देने को तैयार हैं।
समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल बने डिटेंशन सेंटर
गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने एक सरकारी समाज कल्याण विभाग के हॉस्टल को डिटेंशन सेंटर में तब्दील कर दिया है। इसमें 6 कमरे, एक किचन और सिक्यॉरिटी रूम्स है और इसमें 24 लोगों के रहने की व्यवस्था है।
सेंटर के कैंपस में एक वॉचटॉवर भी बनाया गया है और कंपाउंड की दीवारों को कांटेदार तारों से सुरक्षित किया गया है। बता दें कि नवंबर में राज्य सरकार ने कर्नाटक हाई कोर्ट को इस बात की जानकारी दी थी कि उन्होंने प्रदेश के कई जिलों में अवैध प्रवासियों के लिए 35 अस्थायी डिटेंशन सेंटर तैयार किए हैं।
इसके अलावा सरकार ने बताया था कि प्रदेश में फॉरेनर्स ऐक्ट के तहत कई देशों के नागरिकों के खिलाफ 612 मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा अन्य धाराओं में अवैध प्रवासियों पर 866 मुकदमे दर्ज हैं।
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