
अयोध्या मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई शुरू हो गई है। मंगलवार को लगातार सुनवाई का आठवां दिन है, हालांकि सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी।
मंगलवार को सुनवाई शुरू होते ही प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली, पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने ‘राम लला विराजमान’ के वकील सी.एस वैद्यनाथन की दलीलें सुननी शुरू की।
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली, पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष उन्होंने ‘एएसआई’ की रिपोर्ट से अन्य पुरातात्विक साक्ष्यों का हवाला देते हुए विवादित क्षेत्र में हिन्दू मंदिर होने के दावों को पुख्ता करने की कोशिश की।
वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस वैद्यनाथन ने अदालत में कहा कि ‘एएसआई’ की रिपोर्ट में मगरमच्छ और कछुए की आकृतियों का जिक्र है, जिसका मुस्लिम संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है।
सुनवाई के दौरान ‘राम लला विराजमान’ के वकील ने मंगलवार को ‘एएसआई’ की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या में मस्जिद का निर्माण करने के लिए हिंदू मंदिर गिराया गया।
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