निज़ाम साजिद
अकोला-काल योगगुरु बाबा रामदेव ने मुस्लिम समाज को लेकर एक विवादित बयान दिया जिसमें उन्होंने भगवान राम को मुसलमानों के पूर्वज होने का दावा किया जिस पर आक्रोशित होकर अकोला में जन सत्याग्रह संगठन ने बाबा रामदेव प्रतिमा पर चप्पल मारो जूता मारो आंदोलन किया आंदोलन अकोला के कपड़ा बाजार चौक पर किया गया जिस पर बाबा रामदेव की फोटो पर चप्पलों का हार चढ़ाया गया व बाबा रामदेव की फ़ोटो पर जूते चप्पल मारे गये यह आंदोलन बाबा रामदेव के मुस्लिम समाज को लेकर विवादित बयान पर जाहिर निषेध की शक्ल में किया गया जिसमें सैकड़ों नागरिक शामिल हुए इस आंदोलन में जन सत्याग्रह संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आसिफ अहमद खान ने बताया कि बाबा रामदेव अपने मजहब पर कायम रहे मुसलमानों को यह ना बताएं कि उनके पूर्वज कौन हैं मुसलमानों के पूर्वजों ने अपनी मर्जी से बिना किसी के दबाव में आकर इस्लाम धर्म को अपनाया था और अगर बात की गहराई में जाना पड़े तो आपको यह भी देखना चाहिए कि दुनिया में सबसे पहले आने वाले व्यक्ति कौन थे उनका धर्म क्या था तब पता चलेगा कि किसके पूर्वज कौन हैं और कहां से आए हैं संविधान ने हर व्यक्ति को अपने धर्म पर चलने की पूरी आजादी दे रखी है अगर देश को गर्म किया जा रहा है तो हम इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे और आने वाले समय में भी कोई इस तरह की बयानबाजी या भाषण बाजी करता हुआ हमें दिखाई दिया तो हम तिर्वा आंदोलन करेंगे इस तरह की चेतावनी जन सत्याग्रह संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आसिफ अहमद खान ने दी जूते मारो चप्पल मारो आंदोलन के बाद जन सत्याग्रह संगठन स्थानीय सिटी कोतवाली में पहुंचकर बाबा रामदेव के खिलाफ लेखी तक्रार दी आंदोलन आसिफ अहमद खान के नेतृत्व में किया गया आंदोलन कर्ताओं में इरफान खान, हैदर शाह, मोहम्मद इफ्तेखार, यूनुस शाह, जाबिर बैग, एजाज अहमद, इमरान खान, सय्यद शकील, आकाश भाऊ, जमीर जेके, शे अमीन, सैयद शहजाद, बबलू, शेख वहीद, छोटू भाई, शेख इकबाल, सैयद यूनुस, मिर्जा नदीम, शेख अतीक,मोहम्मद वली कुरेशी, स्वप्निल कुलट व आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे.

