अकोला-(निज़ाम साजिद) दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर अकोला में भी CAA और NRC के खिलाफ बेमियादी अनिश्चितकालीन अनशन पिछले 14 दिनों से शुरू है. अकोला संविधान बचाओ समिति की ओर से शुरु इस धरने में दिन ब दिन महिलाओं और पुरुषों की संख्या बढ़ती नज़र आ रही है.अकोला जिल्हाधिकारी कार्यलय के सामने पिछले कुछ १४ दिनों से दिल्ली शाहीनबाग बना नज़र आ रहा है कल सोमवार को मोमिनपुरा,कागज़ी पूरा की महिलाओं व पुरषों ने धरना दिया आज सुबह से ही खैरमोहम्मद प्लॉट,गुलज़ार पूरा,भगतवाड़ी की महिलाओं व पुरषो ने धरना प्रदर्शन किया।और भाजपा सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए,
इस समय जिल्हाधिकारी के मार्फत राष्ट्रपति के नाम एक निवेदन दिया गया जी मे कहा गया के केंद्रीय सरकार द्वरा सी.ए.ए लागु किया गया है जीस के मध्यम से अफगानिस्तान, बंगलादेश, पकिस्तान के धर्मिक प्रताड़ित हिंदु , सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धर्म के लोगों को भारत आने पर बगैर कोई दस्तावेज़ि सबूत के पुर्ण भारतीय नागरिकता दे दिजाऐगी। अभी सरकार का कहना है के यह सुविधा २०१४ से पहले आए लोगों के लिऐ है। परंतु एक बार यह कानुन बन जाने के बाद इन देशों से जीतने भी लोग भारत अऐंगे वह सभी आपने आपको धर्मिक प्रताड़ित बता कर भारतीय नागरिकता प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। जबकि केंद्रीय गुहामंत्री खुद ये घोषण कर चुके है के उन लोगों बगैर कोई दस्तावेज़ी सबूत के पुर्ण नागरिकता दे दि जाएगी। अब प्रश्न यह है के भारत सरकार किस आधर पर यह सिद्ध करेंगी के यह व्यक्ति इन देशों का धर्मिक प्रताड़ित है? हमरे पास इसका क्या पैरामीटर है क्या मापदंड है के वास्तव मे यह धर्मिक प्रताड़ित है? इन धर्मिक प्रताड़ितों की आड़ मे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी गिरोह के समूह भी इस संधि का लाभ उठा सकते है। चूंकि हम खुद कहे रहे है कोई दस्तावेज़ नही चाहिऐ बस व्यक्ति विशेष ने कहे दिया के वह पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या अफगानी अल्पसंख्यक धर्मिक प्रताड़ित है उसे हमरे गुहामंत्री भरतीय नागरिकता दे देंगें।
और निवेदन में मांग की गई के इस काले कानून को जल्द से जल्द खत्म करे,इस समय संविधान बचाओ समिति के पदाधिकारियों ने उप्पर जिल्हाधिकारी को एक निवेदन सौंपा जिस में सय्यद अफसर,मोहम्मद साकिब,अज़हर चौधरी,मोहम्मद कलीम खान,अफसर कुरेशी,फजलू पहलवान,नगरसेवक मुस्तफा पहलवान,और हज़ारो मुस्लिम महिला उपस्थित थी