नई दिल्ली: लोकसभा में बजट सत्र 2020 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या स्थित श्री रामजन्म स्थल से जुड़े न्यास के बारे में जानकारी दी है,प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘रामजन्मभूमि से जुड़ा मुद्दा मेरे दिल के बहुत करीब है.’ पीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वृहद योजना तैयार की जा रही है. राम मंदिर से जुडे न्यास का ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ट्रस्ट का नाम श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र होगा. यह इससे जुड़े सभी फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होगी।
पीएम ने जानकारी दी कि अयोध्या में अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को दी गई है. पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है. उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया था. इसने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने को भी कहा था.आज सुबह एक बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक अनुरूप बड़े फैसले लिए गए हैं.’

पीएम ने जानकारी दी कि अयोध्या में अधिग्रहीत 67 एकड़ जमीन राम मंदिर ट्रस्ट को दी गई है. पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन देने पर सहमत हो गया है. उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया था. इसने सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने को भी कहा था.आज सुबह एक बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के मुताबिक अनुरूप बड़े फैसले लिए गए हैं.’
Today we take a historic step ahead towards building a grand Ram Temple in Ayodhya!
It was my honour to address the Lok Sabha on this subject, which is special to many.
I also applauded the remarkable spirit of the people of India.
This is what I said… pic.twitter.com/MJHDHnR3Xo
— Narendra Modi (@narendramodi) February 5, 2020
अयोध्या जमीन विवाद पर यह था कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसले में एक सदी से अधिक पुराने मामले का पटाक्षेप करते हुए अयोध्या (Ayodhya) में विवादित स्थल पर राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया. साथ ही व्यवस्था दी कि पवित्र नगरी में मस्जिद के लिए पांच एकड़ वैकल्पिक जमीन दी जाए।
अदालत ने कहा था कि विवादित 2.77 एकड़ जमीन अब केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगी, जो इसे सरकार की ओर से बनाए जाने वाले ट्रस्ट को सौंपेंगे. पीठ ने केंद्र सरकार से कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए तीन महीने के भीतर एक ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए।
तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई (Former CJI Ranjan Gogoi) की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मत फैसला दिया और कहा था कि हिंदुओं का यह विश्वास निर्विवाद है कि संबंधित स्थल पर ही भगवान राम का जन्म हुआ था तथा वह प्रतीकात्मक रूप से भूमि के मालिक हैं।
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