नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होरहे राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के कार्यक्रम में हंगामा होने की खबर है. प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टर दिखाए,इस दौरान मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार भी मौजूद थे।
केंद्र सरकार नागरिकता अधिनियम, 1955 में बदलाव करने हेतु संसद में नागरिकता संशोधन बिल लेकर आई. दोनों सदनों में इस बिल के बहुमत से पास होने के बाद 12 दिसंबर को राष्ट्रपति ने इस पर अपनी मुहर लगा दी. जिसके करीब एक महीने बाद सरकार ने अधिसूचना जारी कर इसे पूरे देश में लागू कर दिया है।
इस कानून के मुताबिक अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हुए हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दे दी जाएगी. कानून लागू होने से पहले इन्हें अवैध शरणार्थी माना जाता था।
#WATCH Delhi: A group of protesters created ruckus at an event of Muslim Rashtriya Manch, by showing banners and raising slogans against #CitizenshipAmendmentAct and NRC. RSS leader Indresh Kumar was also present on the stage. pic.twitter.com/8WWstcnvaG
— ANI (@ANI) January 16, 2020
सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का मानना है कि यह कानून भारत के संविधान के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों का मानना है कि ये भारत के संविधान की सेक्युलर संरचना पर हमला करता है. लोगों का मानना है कि इस कानून के दायरे में पड़ोसी देशों में पीड़ित मुसलमानों को भी शामिल करना चाहिए. उनका यह भी आरोप है कि जब देश में एनआरसी लागू होगा तो दस्तावेजों के अभाव में लाखों लोगों को नागरिकता साबित करने में मुश्किल आएगी या फिर डिटेंशन सेंटर में जाना पड़ेगा।
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