
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि दुनिया में लोगों ने सबसे ज्यादा वोट देकर मुझे और मेरी सरकार को जनादेश दिया, जनादेश का संदेश इससे बड़ा व्यापक और प्रेरक है. संयुक्त राष्ट्र की 74वीं महासभा को संबोधित करना गर्व की बात है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सबसे बड़े चुनाव में सबसे ज्यादा लोगों ने वोट दिया और मेरी सरकार को पहले से भी मजबूत जनादेश दिया. मैं इसी जनादेश की वजह से आज आपके बीच मौजूद हूं लेकिन इस जनादेश का संदेश ज्यादा महत्वपूर्ण है.
प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि अहिंसा और शांति का संदेश आज भी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब एक विकासशील देश सिर्फ 5 साल में 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर अपने देश को देता है तो अन्य देशों को भी इससे संदेश मिलता है.
पीएम मोदी ने कहा जब एक विकासशील देश दुनिया का सबसे बड़ा सोशल इंक्लूजन कार्यक्रम चलाता है, अपने नागरिकों के लिए दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान का कार्यक्रम चलाता है, करप्शन को रोककर 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा बचाता है तो इससे दुनिया कुछ सीखती है.
2022 तक 2 करोड़ गरीबों को घर
पीएम मोदी ने कहा आने वाले 5 वर्षों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले हैं. इसके साथ ही 2022 में हम गरीबों के लिए 2 करोड़ और घरों का निर्माण करने वाले हैं. पीएम मोदी ने कहा सवाल ये है कि हम ये सब कैसे कर पा रहे हैं? नए भारत में बदलाव इतनी तेजी से कैसे आ रहा है. भारत हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता है जो हर जीव में शिव देखती है.
पीएम मोदी ने कहा हमारा प्राण तत्व है जन भागीदारी से जन कल्याण. प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को मंत्र देते हुए कहा कि जन कल्याण से ही होगा जग कल्याण, इसलिए हमारी प्रेरणा है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हमारा परिश्रम सिर्फ कर्तव्य भाव से प्रेरित है.
ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए भारत कर रहा है समाधान
पीएम मोदी ने कहाअगर इतिहास और Per Capita Emission के नजरिए से देखें, तो ग्लोबल वॉर्मिंग में भारत का योगदान बहुत ही कम रहा है. लेकिन इसके समाधान के लिए कदम उठाने वालों में भारत एक अग्रणी देश है. पीएम ने बताया कि एक ओर तो, हम भारत में 450 गीगावॉट रीन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर हमने इंरटनेशनल सोलर अलायंस स्थापित करने की पहल भी की है. यूएन पीस कीपिंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूएन पीस कीपिंग मिशन में भारत ने सबसे बड़ा बलिदान दिया है.
आतंक दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा UN पीसकीपिंग मिशन्स में सबसे बड़ा बलिदान अगर किसी देश ने दिया है, तो वो भारत है. इसलिए हमारी आवाज में आतंक के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी है.
पीएम ने कहा हम मानते हैं कि ये किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. आतंक के नाम पर बंटी हुई दुनिया, उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है, जिनके आधार पर संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ है.
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