नई दिल्ली: ऑल इण्डिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी लोकसभा में अपने भाषण की शुरुआत तीखे अंदाज में की,उन्होंने कहा कि मैं तीसरी बार इस बिल के खिलाफ खड़ा हुआ हूं और जबतक जिंदगी रहेगी तबतक इस बिल का विरोध करता रहूंगा,ओवैसी ने कहा कि तीन तलाक को इस सरकार ने अपराध में डाल दिया. ऐसे में फिर महिला का पालन-पोषण कौन करेगा।
हैदराबाद सांसद बोले कि इस्लाम में निकाहनामा है, आप भी एक कंडिशन लगा दीजिए कि अगर कोई तीन तलाक देगा तो उसे महिला को मेहर की रकम का 500 गुना जुर्माना देना होगा. तभी ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है और आप कह रहे हैं कि जन्म-जन्म का साथ है. ऐसा मत कीजिए और हमारी बात को समझिए।
#AIMIM President Barrister Asaduddin Owaisi opposed #TripleTalaqBill & said until I am alive I will oppose it.
This bill violates Article 14, 15, 21, 26 & 29 of Indian Constitution, it violates the fundamental rights of our Constitution. @asadowaisi
pic.twitter.com/BPSDRq51f9— Shaikh Zeeshan (@iamzzeeshan) July 25, 2019
AIMIM सांसद ने कहा कि अगर कोई मुसलमान आदमी गलती से तीन बार तलाक बोल देता है तो शादी नहीं टूटती है. उन्होंने दावा किया कि इस्लाम में 9 किस्म के तलाक होते हैं और तीन तलाक उसमें से सिर्फ एक है. तीन तलाक बिल के विरोध में ओवैसी ने कहा कि इससे महिला पर बोझ बढ़ेगा, क्योंकि अगर शौहर जेल में चला जाएगा तो फिर महिला को पैसा कौन देगा।

AIMIM प्रमुख बोले कि मान लीजिए अगर अदालत ने तीन तलाक देने वाले पुरुष को तीन ताल की सजा दे दी, तो फिर महिला तीन साल तक उसके इंतजार में क्यों बैठी रहे. शादी में ही क्यों रहे. इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि क्या महिला तीन साल बाद कहेगी…बहारो फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है’
असदउद्दीन ओवैसी की इसी बात के साथ सदन में ठहाके लगने शुरू हो गए. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से मॉब लिंचिंग पर कानून बनाने की अपील की।