SC के पूर्व जज बोले-फेक है हमारी मिलिट्री, 72 साल बाद भी नहीं बन सकी आत्मनिर्भर

SC के पूर्व जज बोले-फेक है हमारी मिलिट्री, 72 साल बाद भी नहीं बन सकी आत्मनिर्भर

विजयादशमी के शुभ अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने फ्रांस से राफेल विमान की डिलीवरी ले ली है। डिलीवरी लेने के साथ ही रक्षा मंत्री द्वारा किये गए पूजा-पाठ पर विवाद शुरु हो गया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू (Markandey Katju) ने भी राफेल विमान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है।

मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह  (Rajnath Singh) ने राफेल विमान का शस्त्र पूजन करने के बाद पहिये के नीचे नींबू रखा और विमान पर ओम का तिलक भी लगाया। पूरे विधि-विधान के साथ पूजा पाठ करने के बाद रक्षा मंत्री ने डिलीवरी स्वीकार की। रक्षा मंत्री का यह पूजा-पाठ विवादों के घेरे में है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने भी राफेल को लेकर कड़ी टिप्पणी की है।

लंबी विवाद के बाद मंगलवार को राफेल विमान का जब डिलीवरी हुई तो ऐसा लग रहा था कि राफेल से जुड़ा विवाद अब शांत हो जाएगा। फ्रांस से डिलीवरी लेते ही एक तरफ जहां जश्न का माहौल है, तो वहीं देश में एक वर्ग ऐसा भी है जिन्होंने विमान के पूजा पाठ को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। राफेल के पूजन से राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है।

इसी बीच सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू (Markandey Katju) ने राफेल और भारतीय सेना पर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक अखबार में लेख लिखते हुए कहा कि ऐसा सैनिक जिसका देश (भारत) अपना हथियार नहीं बना सकता, वह एक नकली सैनिक है। वास्तव में सैनिक है ही नहीं, यह संयुक्त राज्य अमेरिका या चीन जैसी वास्तविक सेना नहीं है। लिहाजा, यह सिर्फ पाकिस्तानी सैनिक जैसी निर्बल व नकली सैनिकों से ही मुकाबला कर सकती है।

काटजू ने कहा, आजादी के 72 साल बाद भी भारत हथियार नहीं बना सकता है। लेकिन विदेशों से लड़ाकू विमान, तोपखाने, टैंकों, मिसाइलें आदि जैसी भारी हथियार ही नहीं बल्कि राइफलें भी खरीदता है। सोचिए जिस देश में राइफल तक विदेेशों से खरीदा जाता हो, उस देश की सैन्य शक्ति क्या होगी। काटजू ने राजनाथ के पूजन और राफेल के कांट्रेक्ट को अनिल अंबानी को दिए जाने पर भी आपत्ति जाहिर की है।

Syndicated Feed from hindi.siasat.com Original Link- Source

اپنی رائے یہاں لکھیں

Discover more from ورق تازہ

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading