नई दिल्ली: मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट से गठबन्धन प्रत्याशी हाजी याकूब क़ुरैशी ने हाईकोर्ट में भाजपा के विजयी साँसद के खिलाफ रिट दायर करके मतगणना में गड़बड़ी करते हुए भाजपा प्रत्याशी को जिताने का आरोप लगाया है।
अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद के माध्यम से रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दाखिल याचिका में मुख्य आधार मतगणना में गड़बड़ी को लेकर बनाया गया है। कहा गया कि राजेंद्र अग्रवाल के पक्ष में लगभग पांच हजार ऐसे वोटों की गिनती जोड़ दी गई, जो पड़े ही नहीं थे। इनमें लगभग दो हजार वोट पोस्टल बैलेट वाले थे।

याकूब कुरैशी ने बताया कि चुनाव में जितना वोट पड़ा था, गिनती में उससे ज्यादा वोट मिला। इससे साफ है कि यूपी सरकार के दबाव में प्रशासन ने उन्हें हराने का काम किया है। साथ ही याकूब कुरैशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिसौली में आयोजित जनसभा के अली और बजरंगबली वाले बयान को भी रिट में आधार बनाया है।
याकूब ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए धर्म के नाम पर लड़ा गया और इस बयान के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग ने 24 घंटे चुनाव प्रचार से दूर रहने का फरमान भी जारी किया था। इसके अलावा उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर चुनाव के दौरान साड़ियां, शराब और पैसे बांटने का भी आरोप लगाया है।
इस मामले में भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कोर्ट जाने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। लेकिन जो आरोप याकूब कुरैशी लगा रहे हैं, वह पूरी तरह हार की हताशा के बाद पैदा हुई स्थिति से हैं। सभी जानते हैं कि मेरा यह तीसरा चुनाव था। मैंने किसी चुनाव में धनबल का प्रयोग नहीं किया। ऐसा काम विपक्ष के प्रत्याशी हर चुनाव में करते रहे हैं।