
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जम्मू-कश्मीर के लोगों को विश्वास दिलाना चाहिए कि वह उनकी भलाई के लिए काम कर रही है।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले की प्राचीर से दिए गए सम्बोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर के निवासियों की भलाई का दावा कर रही है, मगर उसे जनता को इसका एहसास भी दिलाना चाहिए।
मायावती ने अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद उत्पन्न हालात की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘जहां तक जम्मू-कश्मीर की बात है, तो वहां के लोगों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि सरकार उनके हित और भलाई के लिए काम कर रही है, जैसा कि दावा किया जा रहा है।’
इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अपने भाषण में देश भर में छाई खासकर व्यापक गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी और अशिक्षा के साथ-साथ हिंसा, तनाव और जातिवादी द्वेष जैसे मुद्दों का कोई जिक्र ना करना यह साबित करता है कि देश की आम जनता के जीवन में बेहतर बदलाव की आशा बहुत कम है।
यूपी की पूर्व सीएम ने कहा कि ज्यादातर सरकारी घोषणाएं और दावे कागजी ही नजर आते हैं। उन्होंने कहा, ‘जमीन पर कुछ भी नहीं दिखाई देता। इससे देश का भला कैसे हो सकता है।
प्रधानमंत्री अपने भाषण में इन मुद्दों के साथ साथ देश में भयमुक्त वातावरण बनाने के बारे में भी कुछ बोलते तो अच्छा होता।’ आपको बता दें कि बहुजन समाज पार्टी ने मोदी सरकार के जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के कदम का समर्थन किया था।
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