रवीश कुमार के नाम से मुर्शिदाबाद हत्याकांड पर फ़र्ज़ी सांप्रदायिक बयान साझा

मुर्शिदाबाद हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर पत्रकार रवीश कुमार का हवाला देकर एक बयान प्रसारित किया गया है। “बंगाल में हिन्दू मरे हैं इसलिए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता –#रविश कुमार #Ndtv” पोस्ट के कमेंट में देखने पर पता चलता है कि कुछ यूज़र्स इसे सच मान रहे हैं।

हमने पाया कि कई यूज़र्स इस संदेश को रवीश कुमार का बयान बताकर फेसबुक पर शेयर कर रहे हैं।

कुछ ग्रुप में भी इस कथित बयान को शेयर किया गया है, जहां इसे काफी लाइक और शेयर मिले हैं।

रवीश कुमार ने नहीं दिया ऐसा कोई बयान

सोशल मीडिया में मुर्शिदाबाद ट्रिपल मर्डर केस पर रवीश कुमार के हवाले से प्रसारित किया गया बयान, फ़र्ज़ी है। ऑल्ट न्यूज़ से हुई बातचीत के दौरान रवीश कुमार ने इस बयान को फ़र्ज़ी बताया। उन्होंने कहा, “ये मैंने नहीं बोला है लेकिन हर जगह मेरे नाम से फैला दिया गया है। जब से बंगाल के मुर्शिदाबाद में शिक्षक और उनके परिवार की निर्मम हत्या हुई है, पुलिस की जाँच से पहले ही मुझे लेकर निशाना बनाया जाने लगा। यूपी बिहार में तरह तरह के मीम बनाकर घुमाए गए। मैं कभी हिंसा का समर्थक नहीं हो सकता।”

अगर रवीश कुमार जैसे वरिष्ठ पत्रकार ऐसा कोई विवादित बयान देते तो यह मीडिया में रिपोर्ट जरूर होती, लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली।

8 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक परिवार – बंधू पाल, उनकी गर्भवती पत्नी और 8 साल के बेटे की निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भाजपा ने दावा किया कि पाल आरएसएस के कार्यकर्ता थे। इस दावे को मुख्यधारा की मीडिया संगठनों ने भी सच बताकर खबर प्रकाशित किया। सोशल मीडिया पर इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, पुलिस की जांच में पता चला कि इस घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति का नाम उत्पल बेहरा है और उसने इस परिवार की हत्या आपसी रंज़िस में पैसों के विवाद के कारण की थी।

अंत में हमने पाया कि सोशल मीडिया में रवीश कुमार के हवाले से साझा किया गया बयान गलत है। इससे पहले भी रवीश कुमार के हवाले से ऐसे कई फ़र्ज़ी बयान प्रसारित कर उन्हें निशाना बनाया गया है।

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