
सीएए कानून को लेकर देश के कई क्षेत्रों में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया है।
खास खबर पर छपी खबर के अनुसार, उन्होंने विपक्षी दलों के राष्ट्रपति से बातचीत कर एक्ट को वापस लेने की अपील पर कहा कि मोदी सरकार इस ऐक्ट को वापस नहीं लेगी। गृह मंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस मामले पर हिंदू और मुस्लिम में भेद पैदा करना चाहते हैं।
बता दें कि आजतक के मंच से देश के गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता कानून लागू होने के बाद इस पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने इसका विरोध करने वाले लोगों को एक-एक कर हर पहलू का जवाब देते हुए कहा कि नागरिकता कानून और एनआरसी लाने की बात तो पूर्व की कांग्रेस सरकार करती आई है लेकिन जब आज मोदी सरकार इसे लागू कर रही है तो वही लोग विरोध कर रहे हैं।
आजतक और इंडिया टुडे के न्यूज़ डायरेक्टर राहुल कंवल से बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि इस कानून से देश के अल्पसंख्यकों को कोई नुकसान नहीं होने वाला है।
क्योंकि इस कानून से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी बल्कि यह कानून तीन देशों से धार्मिक प्रताड़ना के कारण आए हुए अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का कानून है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को यह कानून नागरिकता देगा।
सीएए को एनआरसी से जोड़कर देखने और फिर इसके नतीजे के बारे में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश का विभाजन धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए था।
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