
दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने और उनको गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी विकास विभाग ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
यह धनराशि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आई एंड एफसी) को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ”कच्ची कॉलोनियों के विकास” के मद में दी गई है।
अरविंद केजरीवाल ने शहरी विकास विभाग को ये भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं कि कच्ची कॉलोनियों में होने वाले विकास कार्यों में किसी भी तरह की वित्तीय बाधा ना आए और हर हाल में समय पर जरूरी धनराशि जारी की जाए।
दिल्ली में 2015 में सरकार में आने के बाद से मुख्यमंत्री, कच्ची कॉलोनियों में होने वाले विकास कार्यों की खुद लगातार निगरानी करते हैं। वह अकसर खुद ऐसी कॉलोनियों में मौके पर जाकर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि हर नागरिक को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार है और सरकार को हर हाल में अपने नागरिकों को बेहतर जीवन देने के सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए। दिल्ली में 2015 में सरकार में आने के बाद से वह कच्ची कॉलोनियों में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने और इन कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। कच्ची कॉलोनियों में चल रहे विकास कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक जरूरतों की जानकारी के लिए मुख्यमंत्री लगातार समीक्षा बैठकें करते हैं। साथ ही इन विकास कार्यों के निरीक्षण के लिए वह अकसर कच्ची कॉलोनियों का दौरा भी करते हैं।
मौजूदा वित्त वर्ष में कच्ची कॉलोनियों में विकास कार्यों के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कच्ची कॉलोनियों के विकास के लिए तय किये गये कुल बजट में से अब तक 700 करोड़ रुपये सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को जारी भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने 18 जुलाई, 2019, गुरुवार को यह भी घोषणा की कि बहुत जल्द दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को उनके मकानों का मालिकाना हक मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव नवंबर, 2015 में ही पारित करके केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया था। दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने 1797 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव 2 नवंबर, 2015 को पारित कर दिया था। इस प्रस्ताव को 12 नवंबर, 2015 को केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया था।
केंद्र सरकार ने इन 1797 कच्ची कॉलोनियों को नियमित करने की सैद्धांतिक मंजूरी देने की सूचना दिल्ली सरकार को दे दी है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को ये भी बताया कि कच्ची कॉलोनियों के मकानों के बड़े पैमाने पर होने वाली रजिस्ट्री को लेकर उन्होंने अधिकारियों को तैयारी करने के भी निर्देश जारी कर दिये हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में सड़कों, नालियों, गलियों के निर्माण और सीवर व पानी की पाइप लाइन डालने जैसी अनेक बुनियादी जरूरतों के लिए अब तक की सबसे ज्यादा धनराशि खर्च/आवंटित की गई है।
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