मिल बांट कर जीना भारतीय दर्शन का मूल : वेंकैया नायडू

मिल बांट कर जीना भारतीय दर्शन का मूल : वेंकैया नायडू

आध्‍यात्मिक गुरू और आर्ट ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने आज उपराष्‍ट्रपति एम.वेंकैया नायडू से भेंट की।

उपराष्‍ट्रपति ने इस भेंट का ब्‍यौरा फेसबुक पोस्‍ट पर साझा करते हुए लिखा है कि श्री रविशंकर के साथ देश और समाज से जुड़े महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर उनकी बातचीत काफी अर्थपूर्ण और सकारात्‍मक रही।

उन्‍होंने श्री रविशंकर को अहिंसा और वैश्विक मानवीय मूल्‍यों का प्रतीक बताते हुए आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन और उसके कार्यकर्ताओं द्वारा वैश्विक स्‍तर पर किये जा रहे कार्यों और सेवाओं की सराहना की।

श्री नायडू ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग की शुरूआत सबके चेहरों पर खुशी लाने और जीवन को उत्‍सव की तरह लेने की सोच के साथ है। “यह एक बहुत ही महान विचार है जो बड़े पैमाने पर व्यक्तियों और समाज की भलाई के साथ ही अंततः मानवीय भावना को सशक्‍त बनाएगा!”

उन्‍होंने मिल बांटकर जीने और दूसरों की परवाह करने को भारतीय दर्शन का मूल बताते हुए कहा कि हर व्‍यक्ति को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए और अपनी भरपूर क्षमताओं के अनुरूप समाज की सेवा करनी चाहिए।

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