
वाराणसी के छात्र आयुष चतुर्वेदी का एक भाषण इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पर वायरल भाषण में उनका शुरुआती अंश नहीं है। उन्होंने भाषण की शुरुआत कुछ इस अंदाज में की थी- ये किसने कहा आपसे आंधी के साथ हूं, मैं गोडसे के दौर में गांधी के साथ हूं। अंग्रेजी अखबार ‘द टेलीग्राफ’ ने आयुष से बातचीत के हवाले से बताया है कि भाषण की रिकॉर्डिंग शुरुआत से नहीं हुई थी।
सेंट्रल हिन्दू ब्याज स्कूल के कक्षा 11 के छात्र ने बताया कि मेरे परिवार में शुरू से सभी लोगों की साहित्य में रुचि थी। मेरे दादा जी कविता लिखते थे और पिता जी को भी लिखने-पढऩे का शौक था। मैं भी बचपन से महात्मा गांधी को पढ़ता आया हूं। स्कूल में व्याख्यान देने के बाद मेरी माता ने अपने फेसबुक पर इस वीडियो को शेयर किया था इसके बाद कांग्रेस की एनएसयूआई ने इसे शेयर किया था इसके बाद वीडियो वायरल हो गया।
आयुष ने जब वह भाषण दिया वे जानते थे कि वे किसके खिलाफ बोल रहे हैं। जब उनसे पूछा गया की ऐसा करते हुए उन्हें डर नहीं लगता तो आयुष ने कहा, “जो होगा देख लेंगे। अगर आपको गांधी के बारे में बोलना है, तो आपको ऐसा करना होगा, जो असर छोड़े।” आयुष ने बताया कि वे काका हाथरसी पर बोलने वाले थे लेकिन आखिरी मिनट पर विषय बदल कर गांधी कर लिया, क्योंकि हम उनकी 150वीं जयंती मना रहे थे। तो मैंने अपने दिल की बात कह दी।
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