
73 साल के मुहिद्दीन यासीन रविवार को मलेशिया के आठवें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राजमहल के प्रवक्ता ने शनिवार दोपहर यह घोषणा की। यासीन 94 साल के महातिर मोहम्मद का स्थान लेंगे जिन्होंने पिछले हफ्ते इस्तीफा दे दिया था। महातिर सरकार में गृह मंत्री रहे यासीन और महातिर के बीच अच्छे रिश्ते नहीं हैं। दो दिन पहले उन्होंने महातिर की जगह खुद को पार्टी प्रेसिडेंट घोषित कर दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के लिए उनका दावा मजबूत हो गया था।
राजमहल के प्रवक्ता ने कहा- राजा ने मुहिद्दीन यासीन को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया है। हम उम्मीद करते हैं कि वो संसद में बहुमत हासिल कर लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को राजमहल में आयोजित किया गया है। राजा मानते हैं कि देश में विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता होना आवश्यक है।
मलेशिया में सियासी संकट या कहें नाटक पिछले हफ्ते शुरू हुआ। महातिर ने प्रधानमंत्री और बर्सेतू पार्टी अध्यक्ष पद से एक साथ इस्तीफा दे दिया। पार्टी में उनका कई दिनों से विरोध हो रहा था। इस्तीफा राजा ने स्वीकार कर लिया। शुक्रवार रात अचानक महातिर का मन बदला। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने बयान जारी कर कहा कि उनके पास संसद और पार्टी दोनों जगह बहुमत है और वो दोनों के मुखिया बने रहेंगे। लेकिन, राजमहल ने उनके दावे पर ध्यान नहीं दिया और सांसदों से चर्चा के बाद यासीन को प्रधानमंत्री घोषित कर दिया। इसके पहले यासीन खुद को पार्टी प्रेसिडेंट घोषित कर चुके थे। पार्टी अध्यक्ष ही आमतौर पर प्रधानमंत्री बनता है।
रविवार को प्रधानमंत्री पद की लेंगे शपथ
सबसे उम्रदराज नेता, 94 वर्षीय महातिर ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की ओर से उनकी सरकार गिराने और प्रधानमंत्री पद के दावेदार बनने की कोशिश कर रहे अनवर इब्राहिम को पद भार संभालने से रोकने की कोशिशों के बाद ये फैसला लिया गया था। साथ ही महातिर लगातार प्रधानमंत्री पद पर वापसी की कवायद में जुटे रहे लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिली।
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