ब्रिटिश संसद को दिल्ली हिंसा पर चर्चा के लिए वक़्त मिल गया, लेकिन भारतीय सदन को नहीं, ये शर्मनाक हैः शशि थरूर

भारत की संसद में दिल्ली हिंसा पर चर्चा न किए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा सांसद शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ब्रिटेन की सदन से तुलना करते हुए कहा कि ये शर्मनाक है कि ब्रिटेन की सदन में तो दिल्ली हिंसा पर चर्चा हो रही है, लेकिन भारत की संसद इसपर ख़ामोश है।

उन्होंने ट्विटर के ज़रिए एक वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “यह शर्मनाक है कि ब्रिटिश संसद के पास दिल्ली में हुई हत्याओं पर चर्चा करने के लिए समय है, लेकिन भारत की संसद को सुनियोजित हमलों और हत्याओं पर तुरंत चर्चा करने का समय नहीं मिल सका है, जो संसद से कुछ मील की दूरी पर हुई थी”। 

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बता दें कि दो दिन पहले ही ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में विपक्षी लेबर पार्टी, कन्जर्वेटिव पार्टी, लिबरल डेमोक्रेट्स और भारतीय मूल के कई सांसदों ने एक सुर में दिल्ली हिंसा और नागरिकता कानून को लेकर भारत सरकार की जमकर आलोचना की थी और ब्रिटेन सरकार से इसपर कड़ी कार्रवाई करने की अपील की थी।

ब्रिटिश सांसदों द्वारा दिल्ली हिंसा पर की गई इस चर्चा का वीडियो भी सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसी वीडियो को शशि थरूर ने अपनी ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए ये बातें कही हैं।

ब्रिटेन की सदन में दिल्ली हिंसा पर ख़ूब चर्चा हो रही है, लेकिन भारत की संसद इसपर ख़ामोश है, क्यों?

भारत की संसद में विपक्षी दल खासकर कांग्रेस इसपर चर्चा करने की लगातार मांग कर रही है। लेकिन उसकी मांग को नहीं सुना जा रहा। यहां तक कि बीते कल चर्चा की मांग कर रहे कांग्रेस के सात सांसद को लोकसभा से निलंबित कर दिया गया था।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का कहना है कि हम दो मार्च से मांग करते आ रहे हैं कि दिल्ली हिंसा पर चर्चा शुरू कराई जाए। हिंसा से देश की छवि धूमिल हो रही है, लोगों की जान जा रही है और मजहबी दरार बढ़ती जा रही है। इसलिए हम देश की खातिर चर्चा चाहते हैं।

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