अपराधी बेलगाम पर चूहों के एनकाउंटर का इंतजाम, योगी सरकार ने 75 जिलों में बनाई चूहा मार टीम

अपराधियों के बाद अब योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के चूहों के पीछे पड़ गई है। दरअसल यूपी सरकार ने राज्य भर में चूहों को पकड़ने के लिए एक मुहिम की शुरुआत की है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने निशाना साधते हुए कहा कि ‘रोमियो’ और अपराधी तो पकड़ नहीं पाए तो चूहे पकड़ने लगे। अधिकारियों ने कहा कि राज्य के कृषि विभाग को खेतों और लोगों की सुरक्षा के लिए वायर मेष जाल खरीदने और चूहों और छछूंदर को पकड़ने के लिए कहा गया है।

टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, हमीरपुर जिला कृषि अधिकारी सरस कुमार तिवारी ने चूहों और छछूंदरों को पकड़ने के लिए 50 लोगों को काम पर लगाया है। उन्होंने कहा, “हमें जिला को चूहों से मुक्त कराने के लिए कहा गया है। हमें बताया गया है कि इस अभियान से खेतों और घरों की सुरक्षा होगी। संक्रमण से फैलने वाले रोग से लोगों का बचाव होगा। 1 मार्च से इस अभियान की शुरुआत हुई है और 31 मार्च तक चलेगा। चूहों को पकड़ने के अलावा हम जानवरों से फैलने वाली बीमारियों के बारे में भी लोगों को जागरुक कर रहे हैं।”

कृषि निदेशालय के एक अधिकारी ने कहा कि कृषि और स्वास्थ्य विभागों में मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के साथ चर्चा के बाद 25 फरवरी को आदेश जारी किया गया था। अधिकारी ने कहा, “एक सामान्य शिकायत है कि चूहे न केवल फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और घरों में भी इनकी वजह से परेशानी बढ़ी है। साथ ही ये घातक वायरस भी फैला रहे हैं। हमारे पास रिपोर्ट है कि सभी 75 जिलों में चूहे पकड़ने का काम हो रहा है। राज्य ने 9, 16, 23 और 30 मार्च को प्रगति रिपोर्ट मांगी है। अभियान की समीक्षा 4 अप्रैल को लखनऊ में होगी।”

कांग्रेस नेताओं ने चूहा पकड़ने के अभियान पर निशाना साधा है। राज्य के वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्विजेंद्र त्रिपाठी ने कहा, “आदित्यनाथ ने एंटी-क्राइम अभियान चलाया था, लेकिन उनकी अपनी पुलिस कहती है कि राज्य में अब भी आधा दर्जन हत्याएं और एक दर्जन बलात्कार प्रतिदिन होते हैं।”

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “उन्होंने (योगी) महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के भीतर एक एंटी-रोमियो दस्ते का गठन भी किया था, लेकिन यह भी असफल हो गया। हर दिन कम से कम दो महिलाएं आत्महत्या कर रही हैं। बलात्कारियों और छेड़छाड़ करने वालों के डर से महिलाएं स्कूल और कॉलेज छोड़ रही हैं। उनकी सरकार ने आवारा पशुओं के खिलाफ एक अभियान भी शुरू किया था, लेकिन जानवरों आज भी खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री चूहों राज्य को चूहों से मुक्त कराना चाहते हैं।”

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