
राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 6 विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने कहा है राजस्थान में बसपा कांग्रेस की सरकार को बाहर से समर्थन दे रही थी, लेकिन इसके बावजूद बसपा विधायकों को तोड़कर कांग्रेस ने विश्वासघात किया है और गैर भरोसेमंद तथा धोखेबाज पार्टी होने का प्रमाण दिया है। मायावती ने अपने ट्वीट संदेश में कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है।
1. राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने एक बार फिर बीएसपी के विधायकों को तोड़कर गैर-भरोसेमन्द व धोखेबाज़ पार्टी होने का प्रमाण दिया है। यह बीएसपी मूवमेन्ट के साथ विश्वासघात है जो दोबारा तब किया गया है जब बीएसपी वहाँ कांग्रेस सरकार को बाहर से बिना शर्त समर्थन दे रही थी।
— Mayawati (@Mayawati) September 17, 2019
जागरण डॉट कॉम के अनुसार, मायावती ने अपने ट्वीट संदेश मे कहा ‘‘कांग्रेस हमेशा ही बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर व उनकी मानवतावादी विचारधारा की विरोधी रही।
इसी कारण डा अम्बेडकर को देश के पहले कानून मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें न तो कभी लोकसभा में चुनकर जाने दिया और न ही भारतरत्न से सम्मानित किया। अति-दुःखद व शर्मनाक’’
राजस्थान में बहुजन समाजवादी पार्टी के सभी छह विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इसे नगर निकाय व पंचायत चुनावों से पहले राज्य की अशोक गहलोत सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
बसपा के छह विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी को सोमवार देर रात एक पत्र सौंपा। विधायकों ने बिना शर्त कांग्रेस में शामिल होने की बात कही है।
राज्य में बसपा के छह विधायक राजेंद्र सिंह गुढ़ा (उदयपुर वाटी), जोगेंद्र सिंह अवाना (नदबई), वाजिब अली (नगर), लाखन सिंह (करौली), संदीप कुमार (तिजारा) और दीपचंद खेरिया (किशनगढ़ बास) है । विधानसभा अध्यक्ष ने देर रात पीटीआई भाषा से कहा कि ‘बसपा विधायकों ने उनसे मुलाकात की और एक पत्र उन्हें सौंपा है।
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